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निजी अस्पतालों में कोविड मरीज मिला तो सिर्फ वार्ड होगा सील, शासन ने जारी की गाइडलाइन
Wed, 13 May 2020 10:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 13 May 2020 10:35 AM IST
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उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद
- फोटो : ANI
प्रदेश के नॉन कोविड अस्पतालों में यदि कोई कोविड-19 संक्रमित मिला तो पूरा अस्पताल नहीं सिर्फ वार्ड ही सील किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट व सरकारी अस्पतालों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी गई हैं।
यदि किसी नान कोविड प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलता है तो वहां का प्रबंधन तुरंत सीएमओ को जानकारी देगा। एंबुलेंस से उन्हें कोविड-19 अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद के अनुसार अस्पताल में पाए गए संक्रमित मरीज के आस-पास के मरीजों को हाईरिस्क ग्रुप में रखते हुए तुरंत आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। पांच दिन की निगरानी के बाद इन मरीजों की कोरोना वायरस की जांच कराई जाएगी।
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इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाए। यदि इस दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण मिले तो फिर से उनकी जांच कराई जाएगी। वार्ड के अन्य मरीजों को लो रिस्क कांटेक्ट मानकर निगरानी में रखा जाएगा।
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यदि किसी नान कोविड प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलता है तो वहां का प्रबंधन तुरंत सीएमओ को जानकारी देगा। एंबुलेंस से उन्हें कोविड-19 अस्पताल पहुंचाया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी।
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प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद के अनुसार अस्पताल में पाए गए संक्रमित मरीज के आस-पास के मरीजों को हाईरिस्क ग्रुप में रखते हुए तुरंत आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। पांच दिन की निगरानी के बाद इन मरीजों की कोरोना वायरस की जांच कराई जाएगी।
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इनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाए। यदि इस दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण मिले तो फिर से उनकी जांच कराई जाएगी। वार्ड के अन्य मरीजों को लो रिस्क कांटेक्ट मानकर निगरानी में रखा जाएगा।
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हाईरिस्क वाले मरीजों की दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई तो सभी को छुट्टी दे दी जाएगी। यही व्यवस्था डॉक्टर व अन्य स्टाफ के लिए होगी। इस दौरान वार्ड को बंद करके दो बार उसका सैनिटाइजेशन किया जाएगा।
सभी उपकरण भी सैनिटाइज कराए जाएंगे। निजी अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों से कहा गया है कि वह ऐसे मरीजों को ही भर्ती करें, जिनका इलाज घर पर संभव नहीं है।
सभी उपकरण भी सैनिटाइज कराए जाएंगे। निजी अस्पतालों व सरकारी अस्पतालों से कहा गया है कि वह ऐसे मरीजों को ही भर्ती करें, जिनका इलाज घर पर संभव नहीं है।