लोहिया संस्थान के नर्सिंग हॉस्टल में पहुंचा कोरोना, दस से अधिक ऑपरेशन टाले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हॉस्टल के लोगों की सूची तैयार की जा रही है। देर शाम तक 40 लोगों की सूची तैयार की गई है। इनकी गुरुवार को जांच कराई जाएगी। वहीं, लोहिया संस्थान में चिकित्सकों और कर्मचारियों के पॉजिटिव आने के बाद भीड़ नियंत्रित करने के लिए नई रणनीति बनाई गई है। इसके तहत यहां कोविड कंट्रोल सिस्टम की शुरुआत होने जा रही है।
इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से सभी विभाग जुड़े होंगे। इसका कंट्रोलरूम मेन हॉस्पिटल ब्लॉक में बनेगा। हॉस्पिटल में एंट्री और एग्जिट दोनों को कंट्रोल कर सकेंगे। इससे इमरजेंसी और महिला रोग विभाग में लोगों की भीड़ नियंत्रित हो जाएगी। आने और जाने वालों को अलग-अलग गेट से निकाला जाएगा।
जांच के लिए भी मिलेगी सूचना
यदि कोई तीमारदार महिला रोग विभाग में आया है और उसे दूसरे विभाग में जाना है तो वह सीधे नहीं जाएगा। तीमारदार पर कंट्रोल रूम में आएगा और यहां से कोऑर्डिनेटर उसकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास करेगा। बहुत जरूरी होगा तभी उसे दूसरे विभाग में भेजा जाएगा।
कोई मरीज सिटी स्कैन या अल्ट्रासाउंड के लिए भेजा जाएगा तो वह पहले कंट्रोल रूम से बात करेगा। यदि सिटी स्कैन रूम में भीड़ कम होगी तब उसे भेजा जाएगा। इससे अस्पताल के अंदर संक्रमण बढ़ने का खतरा कम हो जाएगा।
बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टर व टेक्नीशियन क्वारंटीन
बलरामपुर अस्पताल में सीटी स्कैन कराने आए हरदोई निवासी मरीज में संक्रमण मिलने से हड़कंप मच गया। कर्मियों ने बगैर कोरोना रिपोर्ट देख मरीज की जांच कर दी। अस्पताल निदेशक डॉ. राजीव लोचन ने बताया कि आमतौर पर बिना कोविड जांच के मरीज का सीटी स्कैन नहीं किया जाता है, लेकिन यह लापरवाही कैसे हुई इसका पता लगाया जाएगा।
फिलहाल मरीज के संपर्क में आए एक डॉक्टर और एक टेक्नीशियन को क्वारंटीन करते हुए जांच के निर्देश दिए गए हैं।