फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   corona recovery rate in uttar pradesh is now 90 percent says yogi adityanath.

खुशखबरी: मुख्यमंत्री योगी बोले, यूपी में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर अब 90.6 प्रतिशत

Tue, 18 May 2021 04:30 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 18 May 2021 04:30 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शुरू से ही एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति अपनाई गई जिसके कारण हमने साढ़े चार करोड़ कोविड टेस्ट की सीमा को भी पार कर लिया। यह किसी भी प्रदेश में हुआ सर्वाधिक टेस्ट है। अब तक प्रदेश में 4,52,31,090 टेस्ट हो चुके हैं।

विज्ञापन
corona recovery rate in uttar pradesh is now 90 percent says yogi adityanath.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सतत प्रयासों से उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की तीव्रता, मंद हो रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर अब 90.6 प्रतिशत हो गई है। विगत 24 घंटो में राज्य में कोरोना संक्रमण के कुल 8,727 मामले आए  हैं। यह संख्या 24 अप्रैल को आए 38055 मामलों से लगभग 29 हजार कम है। पिछले 24 घंटों में 21,108 संक्रमित व्यक्ति उपचार के बाद डिस्चार्ज हुए हैं। वर्तमान में राज्य में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 1,36,342 है, जो 30 अप्रैल, 2021 की अधिकतम एक्टिव मामलों की संख्या 3,10,783 से 1.74 लाख कम है। इस प्रकार 30 अप्रैल के सापेक्ष वर्तमान में अधिकतम एक्टिव मामलों की संख्या में 56 फीसदी की कमी आई है। मुख्यमंत्री मंगलवार को टीम-9 के साथ कोरोना संक्रमण के हालात पर चर्चा कर रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि एग्रेसिव टेस्टिंग की नीति उत्तर प्रदेश ने शुरुआत से ही अपनाई है। 17 मई को हमने साढ़े चार करोड़ कोविड टेस्ट की सीमा को भी पार कर लिया। यह किसी भी प्रदेश में हुआ सर्वाधिक टेस्ट है। अब तक प्रदेश में 4,52,31,090 टेस्ट हो चुके हैं। विगत दिवस में कुल 2,79,581 कोविड टेस्ट किये गये। इसमें से 1,14,066 टेस्ट केवल आरटीपीसीआर के माध्यम से हैं।
विज्ञापन


इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि होम आइसोलेशन के मरीजों को निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीण इलाकों में संचालित स्क्रीनिंग के वृहद अभियान में लक्षणयुक्त अथवा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को निगरानी समिति द्वारा तत्काल मेडिकल किट उपलब्ध करायी जा सके, इसके लिए निगरानी समितियों को पर्याप्त संख्या में मेडिकल किट उपलब्ध करायी जाए। लक्षणयुक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिकल किट निगरानी समिति द्वारा ही उपलब्ध करायी जाए, क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के पास सबसे पहले निगरानी समिति ही पहुंचती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आपदाकाल में कुछ निजी अस्पतालों द्वारा कोविड संक्रमित मरीजों से ओवरचार्जिंग की शिकायत प्राप्त हो रही है। यह व्यवस्था का उल्लंघन तो है ही, मानवता के विरुद्ध भी है। सभी जिलों में ऐसी गतिविधियों पर सतत दृष्टि रखी जाए। शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए इनके विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। 

इसके अलावा उन्होंने ये निर्देश दिए:
- रेमेडेसिविर सहित किसी भी जीवनरक्षक दवा की कालाबाजारी में संल्पित लोगों के खिलाफ एनएसए जैसे कठोर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। यदि इन गतिविधियों में किसी मेडिकल या पैरामेडिकल स्टाफ की संलिप्तता हो, तो उनकी प्रोफेशनल डिग्री को निलंबित भी किया जाना चाहिए।

- जिलाधिकारी व सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि कोविड और नॉन कोविड मरीजों के निधन के उपरांत उनके परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई न हो। यदि मृत्यु कोविड संक्रमण से हुई है तो मृत्यु प्रमाण पत्र पर स्पष्ट उल्लेख किया जाए। इस संबंध में आवश्यकतानुसार शासनादेश भी जारी कर दिया जाए।

- प्रत्येक जनपद में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की व्यवस्था को टीम लगाकर चुस्त-दुरुस्त बनाया जाए। इसके अन्तर्गत स्वास्थ्य केन्द्रों पर मेडिकल उपकरणों को कार्यशील स्थिति में रखा जाए तथा साफ-सफाई की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों की पेंटिंग भी करायी जाए।साथ ही, आवश्यक मैनपॉवर, पेयजल, शौचालय, बिजली आदि की व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए। यह कार्य आगामी एक सप्ताह में पूर्ण कर लिया जाए। 

- ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी व पीएचसी में मैन पावर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और सम्बन्धित जिलाधिकारी स्तर से कार्यवाही होनी है, जबकि मेडिकल कॉलेजों में प्राचार्य इसकी कार्यवाही करते हैं। शासन से सहयोग की जरूरत हो तो बताएं, अन्यथा चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाए।

- सभी जनपदों में उपलब्ध सभी वेंटिलेटर्स व आक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर क्रियाशील अवस्था में रहने चाहिए। वेंटिलेटर्स के संचालन के लिए एनेस्थेटिक्स व टेक्नीशियन भी उपलब्ध रहने चाहिए। 

ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है

- सभी कोविड और नॉन कोविड मरीजों के सुव्यवस्थित उपचार हेतु मांग के अनुसार ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है। बीते 24 घंटे में 935 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का वितरण किया गया। इसमें 560 एमटी केवल रीफिलर के माध्यम से वितरित हुआ। ऑक्सिजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं, बीते कुछ दिनों में ऑक्सीजन की मांग में 10 से 15 फीसदी की कमी आई है। अधिकांश मेडिकल कॉलेजों में 2-3 दिवसों का बैकअप हो गया है। कतिपय मेडिकल कॉलेजों में खाली सिलिंडर की जरूरत है, इसकी पूर्ति तत्काल कराई जाए। 5,000 सिलिंडर क्रय करने की प्रक्रिया जारी है, इसके अलावा विभिन्न औद्योगिक संगठनों द्वारा सीएसआर के माध्यम से लगभग 3500 सिलिंडर और प्राप्त हो रहे हैं। इनका समुचित वितरण/आवंटन कराया जाए। 

- निगरानी समिति द्वारा लक्षणयुक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराने के साथ ही, ऐसे व्यक्तियों की सूची तैयार की जाए। यह सूची इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपलब्ध कराई जाए। आईसीसीसी इन व्यक्तियों के एंटीजन टेस्ट के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम को भेजे। साथ ही, सम्बन्धित को मेडिकल किट उपलब्ध कराये जाने का सत्यापन भी करे। निगरानी समिति द्वारा तैयार की गयी सूची जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित जनप्रतिनिधि को भी उपलब्ध करायी जाए, जिससे वे भी संक्रमित व्यक्ति से संवाद स्थापित करते हुए फीडबैक प्राप्त कर सकें।

- सभी जनपदों में ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस का प्रयोग कोविड कार्यों में किया जाना चाहिए। समस्त जिलों में कोविड बेड की उपलब्धता में निरन्तर वृद्धि किये जाने के साथ ही, इनके लिए आवश्यक मैन पावर की भर्ती की जाए।

सभी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 'पोस्ट कोविड वार्ड' तैयार किया जाए

- कोविड संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके कुछ लोगों को अभी भी चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पड़ रही है। ऐसे में कोविड उपचार के साथ-साथ पोस्ट कोविड मेडिकल समस्याओं के ट्रीटमेंट के लिए व्यवस्था आवश्यक है। सभी डेडिकेटेड कोविड हॉस्पिटल में 'पोस्ट कोविड वार्ड' तैयार किया जाए। यहां हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था हो। इन मरीजों के चिकित्सकीय उपचार के साथ-साथ भोजन के लिए भी समुचित प्रबन्ध किए जाएं।

- निजी मेडिकल कॉलेजों में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने के संबंध में नीति जारी कर दी गई है। इच्छुक संस्थाओं को सरकार की ओर से सभी जरूरी प्रोत्साहन दिए जाएंगे। पीएम केयर्स, राज्य सरकार तथा सीएसआर के माध्यम से स्थापित हो रहे ऑक्सीजन प्लांट की क्रियाशीलता यथाशीघ्र प्रारम्भ की जाए। मुख्य सचिव स्तर से इसकी दैनिक समीक्षा हो।

- प्रदेश के सभी जनपदों में ब्लैक फंगस के उपचार की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए। इस सम्बन्ध में भारत सरकार को पत्र भेजकर आवंटन बढ़ाने का अनुरोध किया जाए। मांगपत्र भेजते समय प्रदेश की कुल आबादी और मरीजों की संख्या को दृष्टिगत रखा जाए।

- विशेषज्ञों के आकलन के दृष्टिगत प्रदेश को सभी तरह की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। सभी मेडिकल काॅलेजों में 100 बेड का पीडियाट्रिक आईसीयू (पीकू) वाॅर्ड तैयार किया जाए। महिलाओं और बच्चों की सुविधा के दृष्टिगत लखनऊ के लोकबंधु हॉस्पिटल को मदर एंड चाइल्ड कोविड केयर सेंटर के रूप में तैयार कराया जाए।

आशा वर्कर व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भी चरणबद्ध ट्रेनिंग कराई जाए

- चिकित्सा शिक्षा विभाग को बीआरडी मेडिकल काॅलेज एवं केजीएमयू तथा स्वास्थ्य विभाग को इन्सेफ्लाइटिस से प्रभावित जनपदों में पीकू की स्थापना का अनुभव है। इस अनुभव का लाभ लेते हुए सभी जिला चिकित्सालयों एवं मेडिकल काॅलेजों के पीडियाट्रिशियन, टेक्नीशियन्स, पैरामेडिकल स्टाफ का प्रशिक्षण कराया जाए। आशा वर्कर व आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भी चरणबद्ध ट्रेनिंग कराई जाए।

- कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से संचालित की जाए। जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर पूरी कार्ययोजना के साथ वैक्सीनेशन की कार्यवाही का प्रभावी प्रबन्धन किया जाए। वैक्सीनेशन का कार्य सुचारु ढंग से सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर चलता रहे, इसके लिए एक माह की प्लानिंग पहले से होनी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया के साथ ही ऑब्जर्वेशन एरिया की व्यवस्था भी होनी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़-भाड़ न हो, इसके लिए प्लानिंग के साथ जिनका वैक्सीनेशन होना है, उन्हें ही सेंटर पर बुलाया जाए। 

- ग्रामीण इलाकों में वैक्सीनेशन के कार्य में काॅमन सर्विस सेण्टर (सीएससी) का व्यापक उपयोग किया जाना है। निरक्षर, दिव्यांग, निराश्रित अथवा अन्य जरूरतमन्द लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित कराने के लिए सीएससी पर टीकाकरण पंजीयन की सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। काॅमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पंजीयन कराने वाले पात्र श्रेणी के लोगों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। इस सन्दर्भ में आवश्यक आदेश जारी कर दिये जाएं। ग्राम्य विकास विभाग, नगर विकास विभाग व आईटी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग काॅमन सर्विस सेंटर को प्रभावी ढंग से एक्टिवेट करें। 

- प्रदेश के 23 जनपदों में 18 से 44 वर्ष आयुवर्ग के लोगों के वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। अब तक 18 से 44 आयु वर्ग के 5,27,293 लोगों को टीका कवर मिल चुका है। जबकि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 1,52,24,527 वैक्सीन डोज एडमिनिस्टर हो चुके हैं। वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता हेतु ग्लोबल टेंडर जारी किया गया है। इसका सतत अनुश्रवण किया जाए। निजी उद्योग संगठनों को उनकी मांग के अनुसार अपने स्तर पर वैक्सीनेशन की अनुमति भी दी जाए।

स्वच्छता, सैनिटाजेशन एवं फाॅगिंग की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए

- पूरे प्रदेश में स्वच्छता, सैनिटाजेशन एवं फाॅगिंग की कार्रवाई को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। इन कार्यों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करायी जाए, जिससे इन कार्यवाहियों के सम्बन्ध में वे आमजन से फीडबैक प्राप्त कर सकें। कम्युनिटी किचन को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए जरूरतमंद व्यक्तियों के साथ ही, मरीजों के परिजनों को भी आवश्यकतानुसार फूड पैकेट उपलब्ध कराए जाएं।

- प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत खाद्यान्न वितरण हेतु राशन की दुकानों पर एक नोडल अधिकारी तैनात किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र व्यक्तियों को अनुमन्य मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त हो। खाद्यान्न वितरण के दौरान राशन की दुकानों पर सैनीटाइजर की उपलब्धता रहे। राज्य सरकार द्वारा माह जून, 2021 से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क तीन माह तक खाद्यान्न वितरण का निर्णय लिया गया है। इस सम्बन्ध में समय से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed