लखनऊ का कैसरबाग ऑरेंज जोन में आने के बाद फिर रेड जोन में, खतरनाक हो रहे हालात
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लखनऊ का कैसरबाग भी अब धीरे-धीरे सदर की राह पर जाता दिख रहा है। 14 दिन तक कैसरबाग हॉटस्पॉट में कोई कोरोना संक्रमित न मिलने पर यह ऑरेंज जोन में आ गया था लेकिन पुलिस, प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से यहां संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े और यह फिर से रेड जोन में आ गया है।
इसकी वजह यह रही कि सील इलाकों के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में ढील की वजह से लोग बेफिक्र घूमते रहे। फूलबाग, नया गांव पश्चिम, मछली मोहाल, सब्जी मंडी और खंदारी लेन इलाके संक्रमण की चपेट में हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने पुलिस को पत्र भेजकर इन इलाकों में सख्ती के लिए कहा। इसके बाद गुरुवार को पुलिस ने भी इन इलाकों में संक्रमण रोकने के लिए कमर कसी।
लापरवाही : पुलिस ने भी सख्ती नहीं की गलियों में घूमते रहे लोग
राजधानी में फूलबाग को हॉटस्पॉट में रखा गया था। यहां पर 14 दिन तक कोई केस न आने पर ऑरेंज जोन में आ गया था। पुलिस ने भी सख्ती नहीं की। लिहाजा गलियों में लोग घूमते रहे।
कुछ ही दिन बाद यहां पर ताबड़तोड़ मरीज मिलना शुरू हो गए। इस वक्त फूलबाग फिर से हॉटस्पॉट बन गया है। यहां पर अब तक 17 केस सामने आ गए हैं। इससे यह रेड जोन में चला गया। इसी तरह कैसरबाग में 14 दिन तक केस न आने पर यह भी ऑरेंज जोन में आया था। सख्ती न होने से यहां भी मरीजों की तादाद बढ़ गई।
मालूम हो कि कैसरबाग की मरकज मस्जिद से ही 31 मार्च को शहर में कोरोना वायरस फैलने की शुरुआत हुई थी। यहां से फैले संक्रमण ने सबसे पहले सदर इलाके में अपना असर दिखाया और वहां बड़ी संख्या में मरीज मिले।
सदर के कसाईबाड़ा, कैसरबाग मरकज मस्जिद और फूलबाग इलाके को हॉटस्पॉट घोषित किया गया था। कैसरबाग व मछली मोहाल में अब तक 14 से ज्यादा कोरोना मरीज मिल चुके हैं।
हॉटस्पॉट इलाके में नहीं होगा कोई मूवमेंट
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह का कोई भी मूवमेंट नहीं होगा। इन क्षेत्रों में सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति होम डिलीवरी से होगी।
वॉलंटियर नियुक्त किए गए हैं। सील किए गए कैसरबाग व मछली मोहाल के जरूरतमंद लोग पार्षद सैय्यद यावर हुसैन रेशु 9415006075 और वालंटियर जाबिर खान 8881777282 के नंबर पर कॉल कर सकते हैं। हॉटस्पॉट क्षेत्र का तीन सौ मीटर का दायरा सील किया गया है। इसके आसपास के इलाके में ढील बरती जा रही है।
त्रिवेणी नगर, मौसमगंज में नहीं, आधा किमी. दूर मिले मरीज
हॉटस्पॉट त्रिवेणीनगर, मौसमगंज को सील करने के बाद वहां पर कोई भी केस नहीं आया। वहीं आसपास के तीन से पांच सौ मीटर दायरे में कोरोना के मरीज सामने आए हैं। खजूर वाली मस्जिद से खदरा तक दूरी महज तीन सौ मीटर है जहां लोगों की आवाजाही थी।
घर-घर जाएगी टीम, लेगी सैंपल
कैसरबाग व मछली मोहाल में कोरोना मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा है। गुरुवार को अभियान चला लेकिन करीब 50 लोगों के ही सैंपल लिए गए।
सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कहा सभी घरों में स्क्रीनिंग की जाएगी। 3101 घरों में रहने वाले 13,812 लोगों की जांच की गई है। कोरोना की आशंका में 50 से अधिक लोगों के नमूने लिए गए हैं।
निगरानी को 48 सीसीटीवी कैमरे और 90 पुलिसकर्मी
कैसरबाग के एसीपी आईपी सिंह ने बताया कि इलाके की निगरानी के लिए 48 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कैसरबाग के लाट चौराहा, बस अड्डे से अमीनाबाद जाने वाली सड़क, लाटूश रोड के सभी रास्तों को बैरीकेडिंग लगाकर बंद करा दिया गया है। इलाके में 10 उपनिरीक्षकों के साथ कुल 90 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
कहां कितनी बेरीकेडिंग
- फूलबाग में 08 - मछली मोहाल में 09 - नयागांव पश्चिम में 02 - सब्जी मंडी में 05 - खंदारी लेन में 02
पुलिस के पास सैनिटाइजर नहीं
पारा में पुलिसकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने की आशंका के बाद कैसरबाग के पुलिसकर्मियों ने कहा कि सभी थानों में जांच कैंप लगे। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह से उन्हें सैनिटाइजर नहीं दिया गया है।
- पीपीई किट से लैस हुए पुलिसकर्मी
कैसरबाग इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों को पीपीई किट, फेस शील्ड, वेपोराइजर मशीन, मास्क, सैनिटाइजर और ग्लव्ज समेत सभी एहतियाती इंतजामों से लैस किया गया है। एसीपी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों में भीतर के इलाकों पर कोई भी गड़बड़ी नजर आती है तो पुलिसकर्मियों को पीपीई किट पहनाकर भीतर भेजा जाता है।
- प्रमुख बाजारें पूरी तरह से लॉक
कैसरबाग इलाके की प्रमुख बाजारों को पूरी तरह से लॉक कर दिया गया है। फूलबाग की बेकरी मार्केट, सब्जी मंडी, हीवेट रोड, लाटूश रोड, बीएन भार्गव मार्केट, नजीराबाद और लालबाग की बाजार, निक्सन मार्केट, शुभम सिनेमाहॉल के पास ऑटो पार्ट्स मार्केट की सारी दुकानें बंद कर दी गई हैं।