संभलकर खेलें होली, लगातार बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण, केजीएमयू की ओर से दी गई ये सलाह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाना, गले लगकर शुभकामनाएं देना होली का रिवाज है, लेकिन त्योहार की इस खुमारी के बीच हमें सावधान रहने की भी जरूरत है। इसका कारण राजधानी लखनऊ में कोरोना का आंकड़ा तेजी से बढ़ना है। ऐसे में जरा सी लापरवाही आपके या परिवार पर भारी पड़ सकती है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके चौधरी के अनुसार, इस बार होली पर एक-दूसरे से उचित दूरी बनाए रखने में ही सबकी भलाई है। इस कारण सिर्फ परिवार के साथ रंग खेलें। बाहरी लोगों के गले लगने से परहेज करें।
इससे होली का उल्लास भले ही थोड़ा कम महसूस होगा, पर सभी के सुरक्षित रहने की खुशी जरूर मिलेगी। बताया कि इस बार सामूहिक उत्सव तथा भीड़भाड़ भी कम करने की तैयारी है। इस पहल में आम नागरिक भी जुड़ जाएं तो हंसी-खुशी त्योहार मनाने के साथ संक्रमण पर भी लगाम लगेगी।
केजीएमयू की ओर से दी गई सलाह
- यदि किसी को कोरोना के लक्षण जैसे बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी या अन्य लक्षण हैं तो होली ना खेलें। ऐसे लक्षण वाले व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
- परिवारिक मित्रों एवं अन्य लोगों को वीडियो कॉलिंग मेसेजेस एवं अन्य डिजिटल माध्यम से होली की शुभकामनाएं दें और घर पर सुरक्षित रहें।
- सिर्फ अपने परिवार के साथ होली खेलें।
- मास्क पहनें और कम से कम छह फीट की शारीरिक दूरी बनाए रखें।
- केवल सूखे रंगों का प्रयोग करें। कोशिश करें कि यह रंग हर्बल हों।
- मुंह, नाक और आंखों के पास रंग लगाने से बचें।
- गीले रंगों से होली खेलने पर ठंड और जकड़न हो सकती है। ये लक्षण कोविड-19 जैसे होने से भविष्य में चिंता का विषय बन सकते हैं।
- गले लगने की जगह हाथ जोड़कर शुभमामनाएं दें। हाथ भी न मिलाएं।
- अपनी नाक, मुंह और आंखों को छूने से पहले हाथों को धोएं।
- खांसने, छींकने या अपनी नाक छूने के बाद व खाना खाने से पहले हाथ साबुन से धुलें कर या सैनिटाइजर से साफ करें।
- कोविड से बचने के लिए शारीरिक दूरी जरूरी है। इस बार घर पर ही परिवार के साथ होली मनाएं।