लखनऊः कैसरबाग समेत इन इलाकों में मरीज मिलने का सिलसिला जारी, घर-घर सर्वे करने की बनाई रणनीति
कोरोना के मामले में कैसरबाग का इलाका सदर की राह पर चलता दिख रहा है। नजीराबाद के बाद यहां नयागांव, लालबाग, कैसरबाग और मछली मोहाल में मरीज मिलने का सिलसिला जारी है।
कैसरबाग से करीब डेढ़ किमी के दायरे में स्थित इन इलाकों में वायरस का असर खत्म नहीं हुआ है। जब सैंपल की संख्या बढ़ाई जाती है तो दूसरे दिन मरीज भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में घर-घर सर्वे करने की रणनीति बनाई गई है।
अब ज्यादातर टीमें इसी इलाके में डेरा डाले हैं। सदर में अब तक 98 मरीज मिल चुके हैं। कैसरबाग और इससे सटे इलाके में यह आंकड़ा 42 पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग यहा 25 हजार से अधिक परिवारों की स्क्रीनिंग कर चुका है।
टीमें लालबाग से लेकर कैसरबाग, नजीराबाद, मछली मोहाल, नयागांव, नाला फतेहगंज, पीर जलील खटकाना, गुइन रोड कच्चा हाता, जगत नारायण रोड तक घर-घर जाकर हाल ले रही हैं।
जिनमें लक्षण मिल रहे हैं या पॉजिटिव मिले लोगों से संपर्क का पता चल रहा, उनके सैंपल भी ले रहे हैं। हालांकि, कोरोना हर चौकसी को धता बता रहा है।
सदर से सबक लेकर बनाई रणनीति
सदर से सबक लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कैसरबाग के लिए भी रणनीति बनाई। लालबाग में मरीज मिलते ही कैसरबाग सब्जी मंडी इलाके पर पहरा बैठा दिया गया।
पहले दिन का सैंपल लेते ही इस इलाके में तीन मरीज मिले। इनमें दो सब्जी विक्रेता और एक जनरल स्टोर संचालक था। इन दोनों के संपर्क वाले 135 लोगों के सैंपल लेकर जांच की जा चुकी है।
जिस गति से संख्या बढ़ाई गई, उसी तेजी से मरीज मिलने का सिलसिला जारी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने उन इलाकों पर ज्यादा फोकस किया, जहां की आबादी घनी थी।
इसमें भी ध्यान रखा गया कि जिन लोगों का रहन-सहन व्यवस्थित नहीं है या एक ही कमरे में कई लोग रहते हैं, उनके सैंपल ज्यादा से ज्यादा लिए गए।
कैसरबाग और आसपास के इलाकों की स्थिति
लालबाग: यहां 28 अप्रैल को सब्जी विक्रेता पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद उसके परिवार का एक बच्चा संक्रमित मिला। यहां करीब 50 सैंपल लिए गए।
मछली मोहाल: बाराबंकी में पॉजिटिव मिली महिला की बेटी यहां पांच मई को संक्रमित पाई गई। इसके बाद छह को इस परिवार के पांच लोग और एक पड़ोसी पॉजिटिव मिला। यहां से करीब 500 लोगों के सैंपल लिए गए।
कैसरबाग: तीन मई को यहां तीन मरीज मिले। फिर इनके परिवार के चार और आस-पास के 10 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। वहीं, 12 मई को तीन मरीज और मिले। कैसरबाग में कुल मरीजों की संख्या 20 हो चुकी है। इलाके में मरीजों की संख्या बढ़ते देख स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सैंपल लेना शुरू किया। करीब 600 लोगों की जांच की गई।
शुरुआती दौरे में ढिलाई पड़ी भारी
यहां 10 मई को 200 और 11 को 308 सैंपल लिए गए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वायरस फैल चुका था। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि कैसरबाग में बड़ी संख्या में सैंपल लिए, लेकिन यहां शुरुआती दौर में ढिलाई रही।
तीन मई को इसे हॉटस्पॉट घोषित किया गया, पर आवाजाही जारी रही। पुलिस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने में नाकामयाब रही। आवागमन पर रोक न लग पाई तो स्वास्थ्य विभाग भी ढीला रहा।
11 मई को 308 सैंपल लिए गए। यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारी डॉ. एसएन सिंह कहते हैं कि पाबंदी और सैंपल लेने में देरी से हालात बिगड़ते गए।
खदरा में मिल चुका है एक मरीज
कब, कितने सैंपल लिए
3 मई 150, 4 मई 95, 5 मई 103, 6 मई 90, 7 मई 100, 8 मई 110, 9 मई 90, 10 मई 200, 11 मई 308 (आंकड़े पूरी राजधानी के। तीन मई के बाद लिए गए सैंपलों में 80 प्रतिशत कैसरबाग व इससे सटे इलाकों के)
सैंपलों की बढ़ाई संख्या
मरीजोें के परिजन के साथ अगल-बगल के लोगों के सैंपल लिए गए हैं। मरीज बढ़े तो संबंधित इलाके में सैंपल की संख्या भी बढ़ा दी गई है। करीब पांच दिन से ज्यादार सैंपल कैसरबाग और मछली मोहाल से लिए गए हैं। -डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, सीएमओ