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लखनऊः सरकारी ब्लड बैंकों में खून का संकट, इन अस्पतालों में बचा एक तिहाई स्टाॅक

Mon, 11 May 2020 04:59 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो हिमांशु अवस्थी/अमर उजाला, लखनऊ
हिमांशु अवस्थी/अमर उजाला, लखनऊ Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Mon, 11 May 2020 04:59 PM IST
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blood crisis in government blood banks
प्रतीकात्मक तस्वीर

कोरोना वायरस के चलते सरकारी ब्लड बैंकों में खून का संकट पैदा हो गया है। ऐसा इसलिए है कि कोरोना के डर से कई अस्पतालों ने खून लेने पर रोक लगा रखी है, जबकि कई अस्पतालों में हॉटस्पॉट इलाके के तीमारदारों का खून लेने से परहेज किया जा रहा है। 

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अफसरों का कहना है कि यदि कोई तीमारदार संक्रमित निकला तो जिस मरीज को उसका खून चढ़ेगा, उसके साथ स्टाफ के लिए भी घातक होगा।

उधर, निजी ब्लड बैंक कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किए बिना ही तीमारदारों का खून ले रहे हैं। केजीएमयू की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. तूलिका चंद्रा ने बताया कि प्रदेश के हॉटस्पॉट, रेड जोन व ऑरेंज जोन से आने वाले तीमारदारों का खून सरकारी संस्थान में नहीं लिया जा रहा है। कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

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सिविल अस्पताल में खून लेने पर रोक

सिविल अस्पताल ने तीमारदारों के खून लेने पर रोक लगा रखी है। गर्भवतियों को मुफ्त खून दिया जा रहा है। निगेटिव ग्रुप का खून नहीं है। उधर, बलरामपुर अस्पताल के ब्लड बैंक में पॉजिटिव के साथ ही निगेटिव ग्रुप का ब्लड भी नहीं है।

सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि स्टॉक में हमेशा 250 से 300 यूनिट खून रहता था। अब 30 यूनिट बचा है। तीमारदार से खून लेने की प्रक्रिया के बारे में शासन के निर्देश का पालन किया जाएगा।

केजीएमयू व लोहिया में संकट 

केजीएमयू व लोहिया संस्थान में खून का स्टॉक एक तिहाई बचा है। दोनों संस्थानों में कई निगेटिव ग्रुप का खून नहीं मिल पा रहा है। केजीएमयू के ब्लड बैंक में आमतौर पर 1500 से दो हजार यूनिट खून रहता था, अब 600 यूनिट ही है।

उधर लोहिया संस्थान में 1000 यूनिट खून रहता था, जो अब यहां पर 260 यूनिट ब्लड ही बचा है। लोहिया संस्थान ब्डल बैंक के डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि खून लेने आने वाले तीमारदारों की जांच के बाद ही ब्लड लिया जा रहा है। उनकी केस हिस्ट्री भी ली जा रही है, ताकि कोई समस्या न आए।

निजी सेंटरों को खून देने पर रोक
सरकारी अस्पताल व संस्थान में निजी अस्पतालों से खून लेने के लिए आने वाले पर रोक लगाई गई है। वजह, खून की कमी है। अफसरों का कहना है कि कोरोना का प्रकोप कम होने व डोनेशन शुरू होने के बाद निजी सेंटरों को खून दिया जाएगा।
 
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