दीक्षांत समारोह में डिग्री लेने के लिए नहीं पहनना होगा गाउन
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आखिरकार अब अंग्रेजी चोले की विदाई हो जाएगी। राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने सूबे के विश्वविद्यालयों को भारतीय परिधान में दीक्षांत समारोह करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
इस निर्देश के बाद गुलामी की प्रतीक मानी जाने वाली अंग्रेजी गाउन इतिहास की बात हो जाएगी। कुलाधिपति ने इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह की तारीखें जारी कर दी हैं।
दीक्षांत 16 अक्तूबर से शुरू होकर अगले साल नौ मार्च तक होंगे।
राजभवन की ओर से सभी कुलपतियों को भेजे गए पत्र में दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किये जाने वाले मुख्य अतिथियों के नामों के प्रस्ताव, मानद उपाधि प्रदान करने व समारोह में पहनी जाने वाली वेशभूषा के संबंध में कार्यवाही शुरू करने को कहा गया है।
पूर्व राष्ट्रपति ने ‘गाउन’ को बताया था कोलोनियल युग
कुलाधिपति राम नाईक ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की इच्छा का हवाला देते हुए इसी शैक्षिक सत्र से दीक्षांत समारोहों में अंग्रेजों के जमाने की वेशभूषा की जगह भारतीय वेशभूषा करने का निर्देश दिया है।
नाईक ने कहा कि डॉ. कलाम ने ‘अंग्रेजी गाउन’ को ‘कोलोनियल युग’ का बताया था और दीक्षांत को भारतीय परिधान में करने पर जोर दिया था। नाईक ने कहा कि यह डॉ. कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।