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आईआईएम लखनऊ में हुआ दीक्षांत सामारोह का आयोजन, 682 छात्रों को मिलेगी डिग्री
Sat, 16 Mar 2019 06:03 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Sat, 16 Mar 2019 06:03 PM IST
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आईआईएम
- फोटो : amar ujala
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भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ (आईआईएमएल) ने शनिवार को अपने 33वें दीक्षांत समारोह में देश को 682 प्रबंधक दिए। 15 विद्यार्थियों को विशिष्ट प्रदर्शन के लिए मेडल प्रदान किए गए, जिनमें 10 छात्र और पांच छात्राएं हैं। वहीं 65 प्रतिशत विद्यार्थी इंजीनियरिंग के क्षेत्र से प्रबंधन में आए हैं। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आईआईएमएल के डायरेक्टर प्रो. बीके मोहंती ने बताया कि विश्वविद्यालयों और प्रमुख संस्थानों के लिए होने वाली क्यूएस विश्व रैंकिंग में आईआईएमएल को इस वर्ष तीसरा श्रेष्ठ भारतीय बिजनेस स्कूल चुना गया है।
दीक्षांत समारोह में टाटा सन्स के चेयरमैन व आईआईएमएल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और 15वें वित्त आयोग के सदस्य डॉ. अशोक लाहिड़ी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। निदेशक ने उनका अभिनंदन किया। इससे पहले विद्यार्थियों ने गणेश वंदना के साथ आयोजन की शुरुआत की। प्रो. मोहंती ने बताया कि वर्ष 2018-19 में संस्थान ने ‘मानव मूल्य व जिम्मेदार नागरिकता’ कोर्स को पहले वर्ष के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य किया है, जिसे मानव संसाधन मंत्रालय ने भी सराहा।
एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि क्यूएस विश्व रैंकिंग के बिजनेस मैनेजमेंट स्टडीज के वर्ग में आईआईएम लखनऊ को 301 से 350 स्थान के वर्ग में जगह मिलना रहा। भारतीय संस्थानों में आईआईएम बंगलूरु और आईएसबी हैदराबाद के बाद आईआईएम लखनऊ तीसरे स्थान पर रहा। इस सत्र के 682 प्रबंधकों के पास होने के बाद आईआईएमएल के पूर्व छात्रों की संख्या 6600 से अधिक हो गई है। इसकी स्थापना 1984 में हुई थी।
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दीक्षांत समारोह में टाटा सन्स के चेयरमैन व आईआईएमएल के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और 15वें वित्त आयोग के सदस्य डॉ. अशोक लाहिड़ी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। निदेशक ने उनका अभिनंदन किया। इससे पहले विद्यार्थियों ने गणेश वंदना के साथ आयोजन की शुरुआत की। प्रो. मोहंती ने बताया कि वर्ष 2018-19 में संस्थान ने ‘मानव मूल्य व जिम्मेदार नागरिकता’ कोर्स को पहले वर्ष के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम (पीजीपी) के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य किया है, जिसे मानव संसाधन मंत्रालय ने भी सराहा।
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एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि क्यूएस विश्व रैंकिंग के बिजनेस मैनेजमेंट स्टडीज के वर्ग में आईआईएम लखनऊ को 301 से 350 स्थान के वर्ग में जगह मिलना रहा। भारतीय संस्थानों में आईआईएम बंगलूरु और आईएसबी हैदराबाद के बाद आईआईएम लखनऊ तीसरे स्थान पर रहा। इस सत्र के 682 प्रबंधकों के पास होने के बाद आईआईएमएल के पूर्व छात्रों की संख्या 6600 से अधिक हो गई है। इसकी स्थापना 1984 में हुई थी।
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