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खुशखबरी: हजारों संविदाकर्मी होंगे नियमित

Wed, 05 Aug 2015 09:33 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 05 Aug 2015 09:33 AM IST
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contractual employees are become permanant

प्रदेश सरकार ने मार्च 1996 तक नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा पर कार्यरत कर्मियों को विनियिमत करने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठन पिछले कई सालों से ये मांग करते आ रहे हैं।

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मुख्य सचिव समिति ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। जल्दी ही इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए कैबिनेट को भेजे जाने की तैयारी है। वित्त विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 29 जून 1991 तक नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मी विनियमित किए जा चुके हैं।
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इसके बाद विनियमितीकरण पर रोक लगा दी गई थी। बाद में संविदा व दैनिक वेतन के आधार पर विभागों में नियुक्तियां की जाती रहीं। कर्मचारी संगठन सरकार से इस तरह की नियुक्तियों की व्यवस्था समाप्त करने और इस तरह नियुक्त कर्मियों को विनियिमत करने की मांग करते रहे हैं।
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शासन ने इस अहम मुद्दे को विचार के लिए मुख्य सचिव समिति के पास भेजा था। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने नियिमत रूप से बिना सेवा ब्रेक किए दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को विनियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

इन कर्मियों की कट ऑफ डेट 31 मार्च 1996 तय की गई है। शर्त ये है कि ये कर्मी तभी विनियमित किए जाएंगे जब ये अपने पद की अर्हता पूरी करते हों और वर्तमान में भी पद पर कार्यरत हों। इस फैसले से सरकारी विभागों, स्वशासी संस्थाओं व निगमों आदि में कार्यरत दैनिक वेतन, संविदा व वर्कचार्ज कर्मी फायदा पाएंगे।

5507 कर्मचारी तत्काल पाएंगे फायदा

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शासन ने सभी विभागों से 29 जून 1991 के बाद नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा था। कार्मिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि विभिन्न विभागों से 14 जुलाई तक जो ब्यौरा मिला है उसमें 5507 कर्मचारियों शामिल हैं।

इनमें 931 मृतक आश्रित, 2026 उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर नियुक्त हैं। 2550 कर्मचारी इससे हटकर सामान्य व्यवस्था से नियुक्त किए गए हैं।

यदि इन 5507 कर्मियों को ही विनियिमित किया जाए तो सरकार पर हर माह करीब 140.12 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय भार आएगा। समिति में प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर,प्रमुख सचिव कार्मिक राजीव कुमार व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

31 मार्च 1996 तक के संविदा, वर्कचार्ज व दैनिक वेतन कर्मियों को विनियमित करने का मुख्य सचिव समिति ने फैसला किया है। इस पर अंतिम निर्णय कैबिनेट करेगी।  आलोक रंजन,मुख्य सचिव

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