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लखनऊ जू आए दर्शकों के सामने कांट्रैक्टर का हाईवोल्टेज ड्रामा, पानी की टंकी पर चढ़ा

Sun, 08 Apr 2018 04:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 08 Apr 2018 04:57 PM IST
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contractor climbed on water tank in Lucknow zoo
पानी की टंकी पर चढ़ा कांट्रैक्टर

लखनऊ जू में रविवार दोपहर उस समय अफरा तफरी मच गई जब एक लकड़ी ठेकेदार मछली घर के पास बनी पानी की टंकी पर जा चढ़ा। दो साल पुराने बकाया का भुगतान न होने से नाराज ठकेदार ने प्राणि उद्यान स्टाफ पर बकाया राशि का भुगतान न होने का हंगामा काटा।

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सूचना पाकर मोके पर पहुंची हजरतगंज पुलिस और जू प्रशासन के अधिकारियों ने उसे समझाया बुझाकर नीचे उतारा। जू निदेशक ने भुगतान मामले की जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया गया। पीड़ित ठेकेदार ने जू के रेंजर पर दो सालों का 13 लाख से अधिक बकाया का आरोप लगाया है।
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पुलिस के मुताबिक विशालखंड निवासी बृजेन्द्र कुमार सिंह लकड़ी कटाई, छंटाई की ठेकेदारी करता है। उसके चाचा भी वन विभाग में कार्यरत हैं। पिछले कई सालों से उसका जू परिसर में कार्य के सिलसिले में आना जाना है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे वो जू परिसर पहुंचा और टहलता हुआ मछली घर के पास के जंगलों सुनसान में बनी 50 फिट से ऊंची पानी की टंकी पर सबसे ऊपर जीने पर जा चढ़ा।
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करीब दोपहर 12 बजे रेलिंग पर पैर लटकाये उसे दर्शकों ने देखा तो वहां अफरा तफरी मच गई। आनन-फानन में जू स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। जू के सिक्योरिटी विंग के रोहित, इजहार ने पहले तो उसे समझाया बुझाया, लेकिन बात न बनने पर हजरतगंज पुलिस के एसआई संतोष कुमार गौड़, निदेशक जू आरके सिंह ने उसे बातचीत के लिये समझाना चाहा।

इस दौरान युवक ऊपर से जू अधिकारियों पर बकाया न देने समेत अपनी मांग के तमाम कागज नीचे गिराता रहा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, अग्निशमन अधिकारियों के पहुंचने के बीच ही बातचीत के दौरान ही उसे नीचे उतार लिया गया।

13 लाख से अधिक के बकाया का भुगतान न होने पर चढ़ा था बृजेन्द्र

बृजेन्द्र ने पुलिस और जू अधिकारियों को बताया कि उसने नवंबर 2013 से मई 2015 तक लखनऊ जू में रेंजर पियूष मोहन के मौखिक निर्देशों पर काम किया। जिनमें पार्किंग निर्माण समेत कई स्थानों पर समय-समय पर अन्य कंटाई-छंटाई के काम किये। लेकिन आज तक उनसे भुगतान नहीं मिला।

बृजेन्द्र का आरोप है कि ऊंची पहुंच रसूख के चलते भुगतान रोका गया। कुछ दिनों पहले सीएम कार्यालय को भी शिकायत की, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने पर रविवार को उसने ये कदम उठाया। नीचे उतर जाने पर निदेशक कार्यालय में पुलिस अधिकारियों और जू प्रशासन के अधिकारियों ने मामले में लकड़ी ठेकेदार को पूरे मामले की जांच कराने समेत समझा बुझाकर शांत किया।

भुगतान में देरी और कराये गये काम की होगी जांच

लखनऊ जू के निदेशक आरके सिंह ने कहा है कि पीड़ित बृजेंन्द्र ने भुगतान न किये जाने को लेकर जो आरोप लगाये हैं, उनकी पड़ताल की जायेगी। चूंकि उसने खुद कहा है कि उसने अधिकतर काम मौखिक निर्देशों पर ही किये हैं। उसने काम कब किये, कहां किये, कितना बकाया है, इसकी जांच मंगलवार से की जायेगी। उससे भी कागज मंगवाये गये हैं, उसके बाद उसके बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया होगी।

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