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स्टेट कोविड कमांड सेंटर के कर्मचारियों ने रोका काम, चार माह से वेतन नहीं मिलने से थे नाराज
Fri, 11 Dec 2020 12:01 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 11 Dec 2020 12:01 PM IST
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कर्मचारियों ने रोका काम
- फोटो : अमर उजाला
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चार माह से वेतन न मिलने से नाराज स्टेट कोविड कमांड सेंटर के संविदा कर्मचारियों ने गुरुवार शाम को अचानक कामकाज ठप कर दिया। अचानक काम ठप होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। शासन से वेतन देने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मचारियों ने काम शुरू किया।
दरअसल, स्टेट कोविड कमांड सेंटर पर संविदा कर्मचारियों को कॉल रिसीव करने और जवाब देने के लिए तैनात किया गया है। इन कर्मचारियों को लगभग चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा था। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे वेतन की बात करते, उन्हें टाल दिया जाता था।
गुरुवार को भी आश्वासन के बावजूद वेतन नहीं मिला तो कर्मचारियों ने अचानक कॉल सेंटर में काम करना बंद कर दिया। इसकी आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को वेतन न देने के बारे में पूछताछ हुई तो पता चला कि वास्तव में कर्मचारियों को भुगतान नहीं हुआ है।
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शासन स्तर के अधिकारियों के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने करीब दो घंटे बाद कार्य शुरू किया। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी का कहना है कर्मचारियों की समस्या को सुना गया है। वेतन न देने के मामले में जिम्मेदार लोगों को फटकार लगाई गई है। कर्मचारियों की समस्या का समाधान हो गया है।
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दरअसल, स्टेट कोविड कमांड सेंटर पर संविदा कर्मचारियों को कॉल रिसीव करने और जवाब देने के लिए तैनात किया गया है। इन कर्मचारियों को लगभग चार महीने से वेतन नहीं मिल रहा था। कर्मचारियों का कहना है कि जब वे वेतन की बात करते, उन्हें टाल दिया जाता था।
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गुरुवार को भी आश्वासन के बावजूद वेतन नहीं मिला तो कर्मचारियों ने अचानक कॉल सेंटर में काम करना बंद कर दिया। इसकी आनन-फानन में उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। इसके बाद कर्मचारियों को वेतन न देने के बारे में पूछताछ हुई तो पता चला कि वास्तव में कर्मचारियों को भुगतान नहीं हुआ है।
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शासन स्तर के अधिकारियों के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने करीब दो घंटे बाद कार्य शुरू किया। महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. डीएस नेगी का कहना है कर्मचारियों की समस्या को सुना गया है। वेतन न देने के मामले में जिम्मेदार लोगों को फटकार लगाई गई है। कर्मचारियों की समस्या का समाधान हो गया है।