पनीर के शौकीनों के लिए ये है चौंकाने वाली खबर
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घटिया पनीर बेचने और पैकेजिंग एक्ट का उल्लंघन कर बेचे जा रहे मिस ब्रांड सरसों तेल के विक्रेताओं पर 65 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।
एडीएम पूर्वी व न्यायिक निर्णायक अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम कोर्ट ने जुर्माने की रकम सरकारी खजाने में एक महीने में जमा करने का निर्देश दिया है। तय समय में इसे नहीं जमा करने पर इसकी वसूली के लिए आरसी जारी की जाएगी।
एफएसडीए की टीम ने 18 अक्तूबर 2014 को मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक लगाने के लिए चौक स्थित बानवाली गली स्थित मनोज पनीर वाले की दुकान से नमूना लेकर लैब जांच के लिए भेजा था।
जांच रिपोर्ट में पनीर के नमूने में मिल्क फैट की मात्रा तय मानक से कम पाए जाने पर इसे सबस्टैंडर्ड (घटिया) आधार पर फेल बताया था। रिपोर्ट के आधार पर एफएसडीए की तरफ से एडीएम पूर्वी निधि श्रीवास्तव की कोर्ट में आरोपी के खिलाफ वाद दाखिल किया गया।
पनीर के साथ सरसों के तेल में भी मिलावट
कोर्ट ने फेल नमूने में मिल्क फैट की मात्रा निर्धारित मानक 50 फीसदी से इतर मात्र 23.4 फीसदी ही पाए जाने पर आरोपी विक्रेता पर 35 हजार रुपया का जुर्माना लगाया है।
वहीं एक अन्य वाद का निस्तारण करते हुए डालीगंज के सरसों तेल व्यवसायी अनिल कुमार अग्रवाल पर भी 30 हजार रुपये जुर्माना लगाया। एफएसडीए टीम ने कार्रवाई के दौरान अक्तूबर 2014 में जगन्नाथ ट्रेडर्स के नाम से संचालित प्रतिष्ठान से सरसों तेल का नमूना लैब जांच को भेजा था।
लैब जांच रिपोर्ट में नमूना पैकेजिंग एक्ट की अनदेखी के आधार पर फेल आया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि पैकेजिंग एक्ट के इतर सरसों तेल को जिस पैकेजिंग में बेचा जा रहा था, उस पर बैच नंबर हाथ से लिखा था।
साथ ही नियम दर किनार कर बेस्ट फॉर सेल की तिथि भी बोल्ड अक्षर में न दर्ज हो कर रनिंग मैटर में थी। कोर्ट ने विक्रेता की दलीलों को नामंजूर करते हुए 30 हजार का अर्थदंड लगाने की कार्रवाई कर वाद खत्म किया।