आपके प्लॉट के बदले आपको प्लॉट ही देगा एलडीए!
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राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम ने एलडीए को प्लॉट के बदले प्लॉट देने का आदेश दिया है। फोरम ने जिला उपभोक्ता फोरम के नौ साल पहले दिए गए आदेश को ही बहाल रखा है। यह फैसला ऐसे वक्त आया है, जब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) आवंटियों को प्लॉट के बदले फ्लैट ऑफर दे रहा है।
इस मामले में एलडीए ने फोरम से कहा था कि उसके पास गोमतीनगर योजना में 6,000 वर्ग फीट के प्लॉट मौजूद नहीं हैं। इस फोरम ने उसे दो-दो हजार वर्ग फीट के तीन प्लॉट जोड़कर आवंटी को देने को कहा है।
गोमतीनगर योजना में विकसित यह प्लॉट किसी भी जगह दिए जा सकते हैं। यह आदेश राजधानी के श्याम कपूर की शिकायत पर हुआ है। 1982 में शिकायतकर्ता ने प्लॉट के लिए फीस जमा की। 1991 में बिना भूखंड आवंटित किए ही अगले साल फिर से फीस जमा कराई गई। 1996 में प्लॉट आवंटन कराने के लिए आवेदन भी किया गया। इस पर कोई सुनवाई नहीं होने पर श्याम कपूर ने फोरम में शिकायत की थी।
इस आदेश के बाद कई आवंटियों को मिलेगा फायदा
दिसंबर 2005 में जिला फोरम ने एलडीए को आवंटन का आदेश दिया था। इसके खिलाफ एलडीए ने राज्य उपभोक्ता फोरम में अपील की थी। वहां जिला फोरम के आदेश को ही सही ठहराने पर प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप न करते हुए एलडीए को राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम में जाने को कहा। फोरम के अध्यक्ष संजीव शिरोमणि, सदस्य गीता यादव व गोवर्धन यादव ने एलडीए को 18 सितंबर तक आदेश का अनुपालन का निर्देश दिया है।
उपभोक्ता मामलों के अधिवक्ता एलपी यादव का कहना है कि इस व्यवस्था से कई आवंटियों को फायदा मिलेगा जोकि लंबे समय से अपने प्लॉट के आवंटन के इंतजार में हैं। वहीं जिला उपभोक्ता फोरम ने अब एलडीए सचिव को शिकायतकर्ताओं को आवंटन करा इसकी सूचना फोरम को देने का आदेश दिया है। आदेश नहीं मानने पर फोरम ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 27 में कार्रवाई करने की बात भी कही है।