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यूपी : नियम विरुद्ध बढ़ाया 68 हजार घरेलू उपभोक्ताओं का भार
Wed, 25 Aug 2021 10:15 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 25 Aug 2021 10:15 PM IST
सार
प्रदेश में घरेलू व निजी नलकूप उपभोक्ताओं का विद्युत भार नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से बढ़ाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
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उत्तर प्रदेश के बिजली मंत्री श्रीकांत शर्मा
- फोटो : ट्विटर
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विस्तार
प्रदेश में घरेलू व निजी नलकूप उपभोक्ताओं का विद्युत भार नियम विरुद्ध मनमाने तरीके से बढ़ाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसे लेकर बखेड़ा खड़ा होने के बाद पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने छानबीन कराई तो पता चला कि बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने राजस्व बढ़ाने के चक्कर में विद्युत वितरण संहिता की अनदेखी करके प्रदेश के 68,721 घरेलू उपभोक्ताओं का भार खुद ही बढ़ा दिया। पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन अपने स्तर से इसकी जांच भी करा रहा है।
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इस बीच राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बुधवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से मिलकर इसकी शिकायत करते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए बिजली कंपनियों के अभियंता वितरण संहिता को ठेंगा दिखाते हुए मनमाने तरीके से भार बढ़ा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ रहा है। ऊर्जा मंत्री ने इस मामले पर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही उपभोक्ता परिषद की शिकायत को कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजा है।
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परिषद ने अपनी शिकायत में कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं के मामले में विद्युत वितरण संहिता 2005 की धारा 6.9 व टैरिफ आदेश में स्पष्ट प्रावधान है कि भार बढ़ाने का नोटिस तब दिया जाएगा जब उसके मीटर में लगातार तीन महीने बढ़ा हुआ भार रिकार्ड होगा। ऐसा होने पर पहले उन्हें नोटिस भेजकर भार बढ़वाने को कहा जाएगा। अगर नोटिस मिलने के 30 दिन बाद तक उपभोक्ता की ओर से कोई जबाब नहीं दिया जाता है तभी नियमों के तहत उसका भार बढ़ाया जा सकता है।
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परिषद का कहना है कि आम तौर पर उपभोक्ता को बगैर नोटिस दिए ही भार बढ़ा दिया जाता है और जब शिकायत होती तो औपचारिकता के लिए एक नोटिस बनाकर तर्क दिया जाता है कि भार ज्यादा था इसलिए बढ़ाया जा रहा है। नोटिस जारी करने में पारदर्शिता न होने से उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है।
ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद को आश्वासन दिया कि पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। नियमों के विपरीत की गई कार्यवाही पर सख्त कदम उठाया जाएगा।