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Lucknow News: एससीआर में आने वाले निर्माणों को किया जाएगा वैध
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लखनऊ। स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के संबंध में मंगलवार को मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंथन किया गया। एलडीए सभागार में आयोजित इस बैठक में छह जिलों को मिलाकर बनाए जा रहे एससीआर में विकास और उसके दायरे में आने वाले निर्माणों को नई भवन उपविधि के तहत वैध करने पर चर्चा की गई।
इसी मसले पर सोमवार को सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और एमएलसी मुकेश शर्मा ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से मुलाकात की थी। सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 19 जुलाई 2024 को लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन घोषित किया था। वर्ष 2014 में राजनाथ सिंह के सांसद बनने के बाद केंद्र और राज्य से कई बड़ी परियोजनाएं मंजूर हुईं। शहर में 104 किमी लंबी आउटर रिंग रोड का निर्माण हुआ। लखनऊ से अयोध्या, सुल्तानपुर, कानपुर, हरदोई और सीतापुर हाईवे का चौड़ीकरण कराया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि एससीआर में आने वाली इकाइयों को भूमि, सड़क, बिजली और जल निकासी जैसी सुविधाएं बिना किसी कठिनाई के मिलनी चाहिए। इसके लिए दूरगामी महायोजना बनाकर तुरंत काम शुरू करना जरूरी है।
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इसी मसले पर सोमवार को सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी और एमएलसी मुकेश शर्मा ने एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार से मुलाकात की थी। सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने 19 जुलाई 2024 को लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी को मिलाकर स्टेट कैपिटल रीजन घोषित किया था। वर्ष 2014 में राजनाथ सिंह के सांसद बनने के बाद केंद्र और राज्य से कई बड़ी परियोजनाएं मंजूर हुईं। शहर में 104 किमी लंबी आउटर रिंग रोड का निर्माण हुआ। लखनऊ से अयोध्या, सुल्तानपुर, कानपुर, हरदोई और सीतापुर हाईवे का चौड़ीकरण कराया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि एससीआर में आने वाली इकाइयों को भूमि, सड़क, बिजली और जल निकासी जैसी सुविधाएं बिना किसी कठिनाई के मिलनी चाहिए। इसके लिए दूरगामी महायोजना बनाकर तुरंत काम शुरू करना जरूरी है।
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