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Lucknow News: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के दोषी सिपाही को पांच वर्ष की कैद
Sat, 13 Dec 2025 02:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 13 Dec 2025 02:51 AM IST
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लखनऊ। पुलिस में नौकरी के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी बर्खास्त सिपाही चंद्रभान सिंह को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी को सजा भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र सिंह ने सुनाई है।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया की तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन के तीन जुलाई 2008 के पत्र के आधार पर तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत ने 22 जुलाई 2008 को चंद्रभान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच का आदेश दिया था। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की दरोगा अर्चना शर्मा को जांच में पता चला कि आरोपी चंद्रभान सिंह नौ अक्तूबर 1990 को पुलिस में सिपाही भर्ती हुआ था। उसे 17 दिसंबर 2009 को बर्खास्त कर दिया गया था। इस दौरान वह फैजाबाद, लखनऊ, बुलंदशहर, इलाहाबाद, बाराबंकी और एसटीएफ में तैनात रहा। सिपाही की एक जनवरी 1995 से 30 जून 2008 के बीच आय और व्यय की गणना की गई थी। इसमें पता चला की चंद्रभान की वेतन से कुल आय सात लाख 73 हजार 332 रुपये थी। जबकि उसका व्यय इससे पांच लाख 46 हजार 266 रुपये अधिक था। चंद्रभान सिंह ने आय से 47 प्रतिशत अधिक की संपत्ति अर्जित की थी। वह इस अधिक आय का कोई सही लेखा-जोखा नहीं दे पाया था।
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कोर्ट में अभियोजन की ओर से बताया गया की तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जोन के तीन जुलाई 2008 के पत्र के आधार पर तत्कालीन पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत ने 22 जुलाई 2008 को चंद्रभान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपों की जांच का आदेश दिया था। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की दरोगा अर्चना शर्मा को जांच में पता चला कि आरोपी चंद्रभान सिंह नौ अक्तूबर 1990 को पुलिस में सिपाही भर्ती हुआ था। उसे 17 दिसंबर 2009 को बर्खास्त कर दिया गया था। इस दौरान वह फैजाबाद, लखनऊ, बुलंदशहर, इलाहाबाद, बाराबंकी और एसटीएफ में तैनात रहा। सिपाही की एक जनवरी 1995 से 30 जून 2008 के बीच आय और व्यय की गणना की गई थी। इसमें पता चला की चंद्रभान की वेतन से कुल आय सात लाख 73 हजार 332 रुपये थी। जबकि उसका व्यय इससे पांच लाख 46 हजार 266 रुपये अधिक था। चंद्रभान सिंह ने आय से 47 प्रतिशत अधिक की संपत्ति अर्जित की थी। वह इस अधिक आय का कोई सही लेखा-जोखा नहीं दे पाया था।
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