कांग्रेस का फरमान, सपा को मदद कर भाजपा को रोको!
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प्रदेश कांग्रेस ने विधान परिषद चुनाव में सपा को समर्थन देने की औपचारिक घोषणा सोमवार को कर दी। इसके साथ ही पार्टी ने सपा उम्मीदवारों को वोट देने के लिए अपने विधायकों को व्हिप भी जारी कर दिया है।
यह घोषणा कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने की। उन्होंने कहा कि पार्टी आलाकमान के निर्देशों के बाद ही व्हिप जारी किया गया है। प्रदीप माथुर ने कहा, धर्मनिरपेक्ष ताकतों को परिषद चुनाव में जिताने के लिए ही कांग्रेस ने सपा को समर्थन देने का फैसला किया है।
कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को 21 जनवरी की रात तक लखनऊ पहुंचने के निर्देश दिए हैं। 22 जनवरी को होने वाली बैठक में सभी विधायकों को सपा के पक्ष में मतदान करने के निर्देश दिए जाएंगे।
सपा को वोट देने से कांग्रेस को होने वाले नुकसान के बारे में पूछने पर माथुर ने कहा, यह गिव एंड टेक का रिलेशन है। सपा ने इससे पहले दो बार कांग्रेस प्रत्याशियों को राज्यसभा में पहुंचाया है। इसलिए इस बार विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस ने सपा के समर्थन में अपना प्रत्याशी खड़ा नहीं किया है।
सपा व बसपा भी कांग्रेस के लिए खतरनाक
एक तरफ तो कांग्रेस परिषद चुनाव में सपा को समर्थन दे रही है, वहीं सपा से किसी अंदरूनी गठबंधन से इन्कार भी कर रही है। खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री कहते हैं कि भाजपा की तरह ही सपा व बसपा भी कांग्रेस के लिए खतरनाक हैं।
इसलिए विधान परिषद चुनाव के इस समर्थन को भविष्य का गठबंधन नहीं मानना चाहिए। चूंकि कांग्रेस के पास अपना प्रत्याशी जिताने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं थी, इसलिए हमने अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया।
भाजपा पहले एक उम्मीदवार ही उतार रही थी लेकिन अब उसने दो उम्मीदवार उतार दिए हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त न हो, इसलिए हमने सपा को समर्थन देने का ऐलान किया है।
कांग्रेस भविष्य में भी किसी से गठबंधन नहीं करेगी बल्कि अकेले चुनाव लड़ेगी।