ये क्या? मोदी थे वैश्य, काग्रेस ने ही बनाया ओबीसी
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कांग्रेस ने मोदी की जाति पर नया विवाद खड़ा करते हुए
कांग्रेस ने मोदी की जाति का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि वह सिर्फ वोट पाने के लिए खुद को पिछड़ी जाति का बता रहे हैं, जबकि वह परंपरागत समृद्घ वैश्य समुदाय से हैं।
कांग्रेस ने कहा कि मोदी फर्जी ओबीसी हैं। सच यह है कि वे गुजरात की जिस मोढ घांची जाति में पैदा हुए, वह परंपरागत रूप से समृद्ध वैश्य जाति रही है और घी का कारोबार करती है।
दूसरी ओर भाजपा ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि गुजरात में कांग्रेस के मुख्यमंत्री छबील दास मेहता के शासन में ही मोढ घांची जाति को ओबीसी घोषित किया गया था।
भाजपा को होगा लाभ
कांग्रेस प्रवक्ता शक्ति सिंह गोहिल ने दावा किया कि मोदी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद एक जनवरी, 2002 को खुद की जाति को ओबीसी की सूची में डाल दिया।
उन्होंने कहा कि गुजरात में संपन्न वर्ग को मोढ कहते हैं और वहां मोढ ब्राह्मण और मोढ बनिया व मोढ घांची होते हैं। घांची का मतलब तेली से नहीं बल्कि घी बेचने वालों से है।
भाजपा ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि मंडल कमीशन की सिफारिशें होने के बाद 25 जुलाई 1994 की अधिसूचना में गुजरात की 105 पिछड़ी जातियों में इस जाति को शामिल किया गया था।
इस मसले को तूल देने पर भाजपा के नेता अंदरखाने खुशी जता रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि पार्टी जितना मोदी की जाति को लेकर निशाना साधेगी। उतना भाजपा को फायदा होगा, क्योंकि आखिरी चरण में होने वाले चुनाव में ज्यादातर सीटों पर ओबीसी आबादी ज्यादा है।
चाय नहीं बेचते थे मोदी
शक्ति सिंह गोहिल ने मोदी पर यहां तक आरोप लगाया कि उन्होंने चाय कभी नहीं बेची बल्कि एक अपने एक रिश्तेदार की चाय की कैंटीन में बैठकर मोदी अपना खाली वक्त काटा करते थे।
उन्होंने कहा कि एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने उन्हें बताया था कि इस कैंटीन का ठेका वहां पर चरस बेचे जाने के कारण रद्द हुआ था।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे आरोप लगा रहे हैं कि मोदी चरस बेचते थे तो उन्होंने बेहद चालाकी से जवाब दिया कि वे मोदी की तरह हवा में आरोप नहीं लगाते।
अभी वह सूचना के अधिकार के तहत इस संबंध में जानकारी मांग रहे हैं। सूचना मिलने के बाद ही वह इस संबंध में खुलासा करेंगे।
मायावती ने सबसे पहले उठाया मुद्दा
जनसभाओं में खुद को पिछड़ी जाति का बताने वाले नरेंद्र मोदी की जाति सबसे पहले उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ही पूछी थी।
उन्होने मोदी से सवाल किया था कि अगर वह पिछड़ी जाति के हैं तो उन्हें बताना होगा कि उनकी जाति क्या है?
मायावती ने मोदी पर आरोप भी लगाया था कि वह पिछड़ी जाति का खुद का बताकर सिर्फ चुनावी लाभ पाने की कोशिश कर रहे हैं।
वहीं मोदी ने आज भी वाराणसी के रोहनिया में हुई रैली में कहा था कि वह जाति की नहीं विकास की राजनीति करते हैं।