विधायक पर लगे रासुका के खिलाफ राज्यपाल के पास पहुंचे कांग्रेसी
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वाराणसी के कांग्रेसी विधायक अजय राय की गिरफ्तारी व उन पर रासुका लगाने के विरोध में कांग्रेसियों ने सोमवार को राजभवन तक विरोध मार्च निकाला।
प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे कांग्रेसियों ने राज्यपाल राम नाईक से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इन लोगों ने रासुका हटाने की मांग की और कहा कि धर्माचार्यों व संतों पर लगे आरोप निराधार हैं, इनके विरुद्ध मुकदमा भी वापस लिया जाए। राज्यपाल ने कांग्रेसियों को कार्रवाई का भरोसा दिया है।
मिस्त्री ने कहा, प्रदेश सरकार भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस विधायक को फंसा रही है। यही वजह है कि अकेले अजय राय पर ही रासुका लगाई गई है जबकि उस दिन कई विधायक साधु-संतों के पीछे चल रहे थे। बिना सबूत के ही अजय राय पर कार्रवाई की गई है। दोषी पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की जाए।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय से करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुआ मार्च लोरेटो चौराहा, वीवीआईपी गेस्ट हाउस होते हुए राजभवन पहुंचा। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह पूरे मामले में मुख्यमंत्री से बात करके उचित न्याय दिलाएंगे।
इस मौके पर ये रहे मौजूद
इस मौके पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, विधान परिषद में नेता नसीब पठान, सह प्रभारी जुबेर खान, नसीब सिंह एवं प्रकाश जोशी, सांसद पीएल पुनिया, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, विधायक रीता जोशी, संजय कपूर, अजय कपूर, पंकज मलिक, अखिलेश प्रताप सिंह, आराधना मिश्रा, ललितेशपति त्रिपाठी, बंशी पहाड़िया, दलजीत सिंह, गजराज सिंह एवं संजय जायसवाल, पूर्व सांसद अन्नू टंडन, सत्यदेव त्रिपाठी, अमरनाथ अग्रवाल, वीरेन्द्र मदान, पार्षद मुकेश सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
कांग्रेस ने ज्ञापन देने के लिए जिन नेताओं की सूची राज्यपाल के यहां दी थी उनमें संख्या 67 थी लेकिन इनमें से आधे ही वहां पहुंचे। महिला कांग्रेस की ओर से किसी को शामिल न करने पर लोगों में नाराजगी रही।
प्रदेश अध्यक्ष खत्री मौजूद नहीं
इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय रही। पहले तो उनके समर्थक कहते रहे कि अध्यक्ष कुछ ही देर में आ जाएंगे लेकिन राज्यपाल से मुलाकात के दौरान वह नहीं पहुंचे। बाद में समर्थकों ने कहा, अध्यक्ष के परिवार में कोई बीमार है वे उन्हें देखने अस्पताल गए हैं। कांग्रेसियों की गुटबाजी विरोध मार्च में भी नजर आई। कई नेता अपने गुट के साथ अलग-अलग चलते दिखे।