'मुस्लिम लीग व आरएसएस एक जैसे, दोनों का मकसद बंटवारा'
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कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यसमिति की सदस्य मोहसिना किदवई ने आरएसएस की तुलना मुस्लिम लीग से की। उन्होंने कहा कि मुझे मुस्लिम लीग व आरएसएस में कोई फर्क नहीं दिखता है।
मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा करवा दिया था। आरएसएस देश को बांटने वाली विचारधारा पर काम करता है। आरएसएस व भाजपा ने देश को सांप्रदायिकता की आग मे झोंकने का काम किया है। युवाओं को यह तय करना होगा कि हमें देश के लिए कौन सी विचारधारा चाहिए।
मोहसिना रविवार को गांधी प्रेक्षागृह में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के 125वीं जयंती वर्ष के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा कि भाजपा वाले बौखला गए हैं। उनके पास अपने नेता ही नहीं हैं। इसलिए वे कभी सरदार पटेल को नेता मानने लगते हैं, तो कभी अंबेडकर को अपना नेता मान लेते हैं। यह वही लोग हैं, जब देश की आजादी के लिए हमारे लोग वंदे मातरम् कहकर फांसी के फंदे पर चढ़ रहे थे तो यह लोग माफी मांगकर अपने आपको बचा रहे थे।
'दलित एक न हुए तो होगा भारी नुकसान'
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि इस समय दलितों को बांटने की साजिश हो रही है। दलितों को इसे समझना चाहिए। यदि दलित एक न हुए, तो उन्हें इसका भारी नुकसान उठाना होगा। दलित एक होकर ही सत्ता की ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी व राहुल गांधी ही दलितों के सबसे बड़े हितैषी हैं। कांग्रेस ने हमेशा दलितों को सम्मान दिया है।
उन्होंने कहा कि अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के कार्यक्रम महज एक साल नहीं, बल्कि हमेशा ही चलते रहने चाहिए।
कांग्रेस ने ही सबसे पहले डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती पर पूरे साल कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला लिया। इसी के बाद भाजपा जागी और उसे भी डॉ. अंबेडकर की याद आई।
'तालाब से पानी भरने के लिए भी दलितों ने लड़ी लड़ाई'
उन्होंने कहा कि कौन ढोंगी है और कौन कांग्रेस की नकल करता है यह सब जनता अच्छी तरह से जानती है। डॉ. अंबेडकर को भी पूरा सम्मान कांग्रेस ने ही दिया था। उन्हें संविधान की ड्राफ्टिंग कमेटी का चेयरमैन भी कांग्रेस ने ही बनाया था।
डॉ. अंबेडकर ने दलितों के लिए बहुत लड़ाई लड़ी। पहले दलित गांव के तालाब से पानी तक नहीं पी सकते थे। इसके लिए उन्होंने आंदोलन किया। मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं दिया जाता था। इसके लिए भी अंबेडकर ने लड़ाई लड़ी।
इससे पहले प्रदेश के 44 जिलों में निकली भीम ज्योति यात्रा में योगदान देने वाले नेताओं को सुशील कुमार शिंदे व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी की तरह ही डॉ. अंबेडकर को भी कांग्रेस से अलग करके नहीं देखा जा सकता है। अंबेडकर ने केवल दलितों को ही अधिकार नहीं दिए, बल्कि उन्होंने सभी वर्गों के लिए काम किया। अपना वोट देने का अधिकार उन्होंने ही हमें दिलवाया है।
राहुल गांधी को ही दलितों की सबसे ज्यादा फिक्र
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि दलितों को उनका हक कांग्रेस ने ही दिया है। आज बाबा साहब का नाम लेकर दूसरी पार्टियां दलितों को गुमराह कर रही है। कांग्रेस के बारे में उल्टी-सीधी बातें कहकर लोगों को भ्रमित कर रही हैं।
कांग्रेस के एससी विभाग के चेयरमैन के राजू ने कहा कि राहुल गांधी को ही दलितों की सबसे ज्यादा फिक्र है। दलित लीडरशिप को आगे बढ़ाने का काम उन्होंने ही सबसे अधिक किया है।
कार्यक्रम में विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, विधान परिषद दल के नेता नसीब पठान, विधायक रीता बहुगुणा जोशी, सिराज मेंहदी, भगवती चौधरी, अम्मार रिजवी सहित कई अन्य नेता उपस्थित थे।
कांग्रेस में होगा भीम सेना का गठन
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन पीएल पुनिया ने कहा कि कांग्रेस में जल्द ही भीम सेना का गठन किया जाएगा। यह कमेटी सभी जिलों में बनाई जाएगी। जहां भी उत्पीड़न की घटना होगी वहां मौके पर जाकर यह कमेटी दबाव बनाएगी। यह कमेटी पीड़ितों को न्याय दिलाएगी। इसके अलावा उत्पीड़न विभाग समिति का भी गठन किया जाएगा। इस समिति में दलित अपने उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।
...और मिस्त्री ने शुरू कर दी यूपीए सरकार की ही बुराई
मधुसूदन मिस्त्री का जब बोलने का नंबर आया, तो उन्हें हमला केंद्र की एनडीए सरकार पर करना था लेकिन वे अपने भाषण में यूपीए सरकार बोलकर ही शुरू हो गए।
उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में यूपीए सरकार ने जो बजट रखा है उसमें किसानों, खेतिहर मजदूर, मजदूरों सहित गरीब व दलितों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
मिस्त्री की इस चूक को मंच पर बैठे नेता समझ गए। उन्होंने एक पर्ची मिस्त्री के पास भिजवाई। इसके बाद मिस्त्री ने अपनी गलती सुधारी और कहा कि वे गलती से एनडीए के बजाय यूपीए सरकार बोल गए।