भाजपा के खिलाफ सपा-बसपा के साथ आई कांग्रेस
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विधान परिषद चुनाव में भाजपा के दूसरे प्रत्याशी को हराने के लिए कांग्रेस भी लामबंद हो गई है। कांग्रेस विधायकों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में यह तय किया गया कि सपा के प्रत्याशी को जिताने के बाद जितने वोट बचें, उन्हें बसपा को दे दिया जाए।
ऐसी चर्चा है कि कांग्रेस के आठ विधायक बसपा को वोट दे सकते हैं। बता दें कि विधानपरिषद का चुनाव शुक्रवार को होना है।
बृहस्पतिवार दिन में विधान सभा स्थित कांग्रेस विधान मंडल दल के कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री की अध्यक्षता में पार्टी विधायकों की बैठक हुई।
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में कुछ विधायकों ने सपा को समर्थन देने पर नाराजगी भी जताई। विधायकों ने कहा कि इससे कांग्रेस को आगे चलकर नुकसान होगा। कांग्रेस के नेताओं ने इसे पार्टी आलाकमान का निर्णय बताकर विरोध शांत करा दिया।
कांग्रेसियों ने की 'डिनर पार्टी'
बाद में यह तय किया गया कि सांप्रदायिक शक्तियों को हराने के लिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को जिताना होगा। सूत्रों के अनुसार बैठक में यह भी तय किया गया कि सपा प्रत्याशी को जिताने के बाद बचे हुए वोट बसपा को दे दिया जाए।
विधायकों के बीच वोट का बंटवारा किस प्रकार किया जाए, इसके लिए रात में कांग्रेसी विधायकों की एक पांच सितारा होटल में डिनर पार्टी भी हुई।
कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने बताया कि शुक्रवार सुबह वोटिंग से पहले विधायकों के वोट आवंटित किए जाएंगे। इस बैठक में राज्य सभा सांसद प्रमोद तिवारी, पूर्व अध्यक्ष व विधायक रीता बहुगुणा जोशी, नसीब पठान आदि मुख्य रूप से शामिल हुए।
इस पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा है कि सांप्रदायिक ताकतों को हर हाल में रोकना है। भाजपा का दूसरा प्रत्याशी न जीते इसके लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। धर्म निरपेक्ष ताकतें चुनाव में जीतें यही कांग्रेस की कोशिश है।