यूपी: मीडिया में घोषणा तक ही सिमटे कांग्रेस के कार्यक्रम, प्रियंका भी नहीं कर सकीं लखनऊ प्रवास
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कांग्रेस के कार्यक्रम मीडिया में घोषणा तक ही सिमटते जा रहे हैं। प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दे पर ब्लॉक स्तरीय चौपालें अभी हुई नहीं हैं कि दलित यात्रा की तैयारी की जा रही है। यह यात्रा 25 फरवरी को मेरठ से प्रारंभ होगी। फिर 11 जिलों से होते हुए गोरखपुर में संपन्न होगी। वहीं, पहले की गई घोषणा के मुताबिक पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी लखनऊ में प्रवास नहीं कर रही हैं।
कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के यूपी प्रभारी प्रदीप नरवाल ने 13 फरवरी को प्रदेश के सभी 824 ब्लॉकों में संविधान चौपाल लगाने की घोषणा की थी। कहा था कि 16 फरवरी को लखनऊ के हजरतगंज चौराहे पर बाबा साहब आंबेडकर की प्रतिमा के सामने शपथ लेकर ये चौपाल लगाई जाएंगी।
पार्टी के कई पदाधिकारी भी स्वीकार करते हैं कि कहीं भी ये कार्यक्रम नहीं हो सके हैं। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत कई नेताओं ने कहा था कि प्रियंका गांधी 8-10 दिन यूपी में ही प्रवास करेंगी ताकि कार्यकर्ताओं के दुख-दर्द को साझा करने के साथ संगठन को गति दे सकें। इसके लिए गोखले मार्ग पर उनके ही एक रिश्तेदार का घर भी फाइनल कर दिया गया।
दिसंबर में कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह में लखनऊ आने पर प्रियंका इस आवास में रुकी थीं। जनवरी में वह लखनऊ नहीं आईं और अब फरवरी में भी यहां आने का कोई कार्यक्रम नहीं बना है।
'बिना ठोस कार्ययोजना यूपी में भाजपा का विकल्प बनना मुश्किल'
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी स्वीकार करते हैं कि बिना ठोस कार्ययोजना बनाए यूपी में भाजपा का विकल्प बनना मुमकिन नहीं है। वर्तमान में बड़े नेता सिर्फ चर्चित मुद्दों को ही हाथ में ले रहे हैं।
मगर, प्रदेश में पार्टी की ठोस जमीन तैयार करने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। अगर यहां पार्टी को मजबूती के साथ खड़ा करना है तो घोषणाओं पर अमल करना होगा। अमल न हो पाने की स्थिति में जवाबदेही भी तय करनी होगी। जिससे भविष्य में सबक लिए जा सकें।
गौरतलब है कि वर्तमान में यूपी में कांग्रेस वर्ष 1977 के बाद सबसे खराब स्थिति में है। लोकसभा में उसके बाद सिर्फ एक सीट है, जहां से खुद कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी सांसद हैं। विधानसभा में भी कांग्रेस के पास अब तक की सबसे कम सीटें हैं। विधान परिषद में तो उसके मात्र एक सदस्य ही हैं।