फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Congress General Secretary Ajay Makan Press Conference in Lucknow.

यूपी: अजय माकन बोले - मोदी सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई की ‘मेगा डिस्काउंट सेल’ लगाई

Tue, 07 Sep 2021 09:11 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 07 Sep 2021 09:11 PM IST
सार

प्रयागराज रेलवे लाइन और पॉवर सेक्टर का निजीकरण किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने मॉनिटाइजेशन और डी मॉनिटाइजेशन नाम की दो फिल्में बनाई हैं। इनसे देश बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। पीएम कहते हैं कि इस तरह से मिले छह लाख करोड़ रुपये का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर में करेंगे, जोकि असत्य है।

विज्ञापन
Congress General Secretary Ajay Makan Press Conference in Lucknow.
राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन - फोटो : amar ujala

विस्तार

कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने कहा कि मोदी सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई की मेगा डिस्काउंट सेल लगा दी है। 60 साल में बनीं सार्वजनिक संपत्तियों को कौढ़ियों के भाव बेचा जा रहा है। भारत सरकार ने पूरे देश मे 12 मंत्रालयों की 20 से ज्यादा बेशकीमती संपत्तियों को पूंजीपतियों को सौंप दिया है।

विज्ञापन


प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में माकन ने कहा कि 8 राष्ट्रीय राजमार्ग, साई सेंटर, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम बंग्लुरू को भी बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा, मैं पूर्व खेल मंत्री होने के नाते कह रहा हूं कि इन फैसलों से देश को अच्छा खिलाड़ी मिलना बंद हो जाएंगे। कांग्रेस इस तरह से निजीकरण का पुरजोर विरोध करती है।
विज्ञापन


प्रयागराज रेलवे लाइन और पॉवर सेक्टर का निजीकरण किया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने मॉनिटाइजेशन और डी मॉनिटाइजेशन नाम की दो फिल्में बनाई हैं। इनसे देश बर्बादी की ओर बढ़ रहा है। पीएम कहते हैं कि इस तरह से मिले छह लाख करोड़ रुपये का इस्तेमाल इंफ्रास्ट्रक्चर में करेंगे, जोकि असत्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


माकन ने कहा कि मित्र पूंजीपतियों के हाथों देश का इंफ्रास्ट्रक्चर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वाराणसी के लाल बहादुरी शास्त्री एयरपोर्ट को 500 करोड़ रुपये में बेचा जा रहा है, जोकि तत्काल नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि शक पैदा करने वाली वाली बात यह है कि ये सभी कुछ गुपचुप तरीके से तय किया गया। निजीकरण हमनें भी किया, पर एकाधिकार नहीं हुआ। रेलवे लाइन का निजीकरण नहीं किया। बड़े पैमाने पर निजीकरण से आरक्षण खत्म होगा। निजीकरण सिर्फ  केंद्र का मामला नहीं है। जब राज्य की जमीनें बेच रहे हैं, तो उनकी सहमति क्यों नहीं ली जा रही है।

माकन ने कहा कि सरकार का मुख्य मुद्दा ढांचागत आधार को बेहतर करना नहीं है, बल्कि कुछ चुनिंदा उद्योगपति दोस्तों को एकाधिकार का अवसर देना है। आज अमेरिका तक फेसबुक, गूगल और अमेजन जैसी संस्थाओं पर नियंत्रण के लिए विभिन्न तरह के नियम-कानून बना रहा है। सरकार ने 12 मंत्रालयों की 20 परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र को सौंपने के लिए चिह्नित किया है।  इनका सांकेतिक मौद्रिक मूल्य सरकार ने 6 लाख करोड रुपये दिखाया है। इन परिसंपत्तियों के निर्माण में पिछले 70 साल के दौरान काफी मेहनत, बुद्धि और निवेश लगा है। अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने भी कहा है कि इन परिसंपत्तियों को किराए के भाव बेचने का कार्य किया जा रहा है।


यूपीए का था रणनीतिक संपत्तियों के निजीकरण न करने का फैसला
उन्होंने कहा कि यूपीए शासन काल में निर्णय किया गया था कि रणनीतिक परिसंपत्तियों का निजीकरण नहीं किया जाएगा। रेलवे लाइन और गैस पाइप लाइन को लेकर विशेष सतर्कता रखी जाती थी। राष्ट्रीय राजमार्ग भी हमेशा से रणनीतिक महत्व रखते रहे हैं। सरकारी संस्थानों को प्राइवेट हाथों में देने से पहले यूनियनों से बात कर उन्हें विश्वास में लेना सबसे जरूरी है। जिन 10 रेलवे स्टेशनों को बिक्री के लिए चुना गया है, ये सभी निवेश के लिहाज से आकर्षक रेलवे स्टेशन हैं। नई विशेष कंपनियों के कैग के बाहर होने से उनकी समीक्षा कभी संभव ही नहीं हो पाएगी। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर और मीडिया चेयरमैन नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी विचार रखे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed