{"_id":"1ab9a40f864f565f04398a4703fc07de","slug":"congress-blames-akhilesh-yadav","type":"story","status":"publish","title_hn":"'अखिलेश की टिप्पणी से गिरा अफसरों का मनोबल'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'अखिलेश की टिप्पणी से गिरा अफसरों का मनोबल'
लखनऊ/ब्यूरो/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 27 Jul 2013 12:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस का कहना है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी से अफसरों का मनोबल गिरा है। सीएम की टिप्पणी से साफ है कि वह सरकार की नाकामी छिपाने के लिए ब्यूरोक्रेसी पर ठीकरा फोड़ रहे हैं।
विज्ञापन
कांग्रेस प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि जो मुख्यमंत्री अफसरशाही पर नियंत्रण न रख सके तो उसे सत्ता में बने रहने का हक नहीं है।
त्रिपाठी ने कहा, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह, सरकार के मुखिया अखिलेश यादव और कई वरिष्ठ मंत्री समय-समय पर ब्यूरोक्रेसी के खिलाफ टिप्पणियां करते रहते हैं।
इससे जहां ब्यूरोक्रेसी के कामकाज पर विपरीत असर पड़ता है वहीं अफसरों का मनोबल टूटता है। बेहतर होता कि अखिलेश यादव अपनी अनुभवहीनता को स्वीकार करते।
उन्होंने कहा, सपा यह भूल जाती है कि पिछले शासनकाल में उसने रिटायरमेंट के बाद भी एपी सिंह और नीरा यादव को सर्वोच्च पद पर बैठाने का कार्य किया।
न्यायालय की टिप्पणी के बाद उन्हें हटाना पड़ा। आज भी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले न्यायालय में चल रहे हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, सपा सरकार बने डेढ़ वर्ष होने को है, लेकिन कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती सिर्फ इसलिए नहीं हो पाई कि सरकार की शर्तों और सौदेबाजी के लिए ईमानदार अधिकारी तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री को मालूम होना चाहिए कि सरकार का काम कार्यक्रम व नीतियां बनाना है, उसका क्रियान्वयन ब्यूरोक्रेसी ही कराती है।