क्या भटक गई है अखिलेश की विकास की गाड़ी, खुद देखें
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प्रदेश सरकार सूबे में हुए विकास कार्यों को 2017 के विधानसभा चुनाव का एजेंडा बताने की बात कर रही है। तमाम काम कराने के दावे हो रहे हैं, लेकिन राजधानी से जुड़ी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे, आईटी सिटी व लखनऊ मेट्रो जैसी बड़ी परियोजनाओं को छोड़ दें तो सूबे के जिलों और गांवों को ध्यान में रखकर शुरू की गई ज्यादातर परियोजनाएं इस एजेंडे को पटरी से उतार सकती हैं।
वजह, परियोजनाओं के काम बेहद सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं। इनमें से तमाम का चुनाव के पहले पूरा होना बहुत मुश्किल बताया जा रहा है।
प्रदेश में इस समय अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं के जरिये बड़े पैमाने पर काम चल रहे हैं। से इनमें करीब 1990 परियोजनाओं की निगरानी ऑनलाइन हो रही है। इनमें फोर लेन सड़क, स्वास्थ्य केंद्र, पुल, फ्लाईओवर, विद्युत उपकेंद्र, स्कूल जैसी तमाम ऐसी परियोजनाएं हैं जिनका सीधा फायदा आम लोगों को होना है।
इनके पूरा होने से सत्ताधारी दल को तो फायदा मिलेगा ही, विकास की बानगी दिखाने के लिए बड़े नाम वाली परियोजनाओं की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। गांव-जिले के अधूरे काम बड़े नाम वाली काम का फायदा नहीं दिला पाते हैं, पर इन 1990 परियोजनाओं के कामकाज की हकीकत कुछ दूसरी ही तस्वीर बयां कर रही है।
1990 परियोजनाओं में से 21 ही हो पाई हैं पूरी
ई-परियोजना प्रबंधन मॉनिटरिंग सिस्टम का नवीनतम स्टेटस देखें तो उत्साहजनक बात ये है कि 1990 परियोजनाओं में से सभी पर काम शुरू हो चुका है, पर दूसरी तस्वीर ये है कि इनमें से 82 ही तय समय पर चल रही हैं।
मुख्य सचिव आलोक रंजन के निर्देश पर चालू कार्यों को पूरा करने के लिए जो माइलस्टोन तय कराए गए थे, 1654 परियोजनाएं उससे भटक चुकी हैं। इन 1990 परियोजनाओं में सिर्फ 21 ही अब तक पूरी हुई हैं। अंदाजा लगाना कठिन नहीं है कि परियोजनाओं की ऐसी सुस्त रफ्तार ‘विकास पर चुनाव’ की सरकार की मंशा की हवा निकाल सकती हैं।
पीडब्ल्यूडी ने 20 काम कराए पूरे
लोक निर्माण विभाग वर्तमान में 464 काम कर रहा है। इसने सबसे ज्यादा 20 काम अब तक पूरे कर दिए हैं। इनमें राजधानी लखनऊ में लोहिया पथ पर आठ लेन आरओबी के अंत में पिकप भवन के निकट एक अन्य उपरिगामी फ्लाईओवर व लखनऊ-सुल्तानपुर राजमार्ग 56 पर अर्जुनगंज के पास 4 लेन फलाईओवर का निर्माण शामिल है।
इसी तरह सुल्तानपुर में सुल्तानपुर-कुड़वार हलियापुर मार्ग पर उत्तर रेलवे के लखनऊ-जाफराबाद सेक्शन के रेलवे समपार सं. 75 बी के स्थान पर फ्लाईओवर का काम पूरा हो चुका है।
ये भी काम हुए हैं पूरे
अहम काम में सीतापुर में सरायन नदी पर नए सीतापुर व पुराने सीतापर को जोड़ने के लिए बनवाया जा रहा नवाबी पुल भी बन गया है। इसके अलावा अलीगढ़, आजमगढ़, इटावा, कानपुर देहात, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर, जौनपुर, प्रतापगढ़, पीलीभीत, मऊ, मुरादाबाद, सिद्धार्थनगर व हमीरपुर में भी पुल के काम पूरे हुए हैं।
इसके अलावा सिर्फ व्यावसायिक शिक्षा विभाग ही है जिसने इटावा में राजकीय आईटीआई सैफई का काम पूरा कराया है। बाकी विभागों के काम को रफ्तार पकड़ने का इंतजार है।
नाम बड़े और दर्शन छोटे
कई नामी विभाग हैं जहां बजट के लिए सरकार पर सबसे ज्यादा दबाव होता है, पर काम करने में जबर्दस्त सुस्ती। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में 277 काम हो रहे हैं। इसमें सिर्फ सात ही समय से चल रहे हैं। आवास विभाग 47 काम करा रहा है। सभी लक्ष्य से भटक चुके हैं।
ग्राम्य विकास में 231, नगर विकास में 103, प्राविधिक शिक्षा में 79, परिवहन में 25, उच्च शिक्षा में 47, ऊर्जा में 26, वाणिज्य कर में 10, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान में 22 काम चल रहे हैं लेकिन कोई भी तय माइलस्टोन के हिसाब से नहीं चल पा रहा।
कारागार विभाग में 24 में से दो, खेलकूद में 47 में से महज एक, गृह में 137 में से सात, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य में 168 में से 50 पर ही तय टाइमलाइन के हिसाब से काम चल रहा है।