यूपी में सरकारी नौकरी के नाम पर बंटी-बबली ऐसे कर रहे थे ठगी
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युवक-युवती को शनिवार सुबह गाजीपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों लेखराज खजाना मार्केट स्थित एक प्लेसमेंट एजेंसी की आड़ में छह महीने से ठगी कर रहे थे। एसओ गाजीपुर आलोकमणि त्रिपाठी का कहना है कि दोनों ने कई लोगों से ठगी की है।
कुछ और शिकार ने पुलिस से संपर्क किया है। ठगों के दो-तीन साथी भी हैं। एसओ ने बताया कि एटा के तरगंवा गरिया शेर सिंह गांव निवासी संजय कुमार ने शुक्रवार को अपने भतीजे अमित कुमार सिंह से नौकरी के नाम पर 50,000 रुपये ठगने की एफआईआर दर्ज कराई थी।
संजय ने बताया कि ठगों ने अमित को उत्तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में चपरासी बनवाने का झांसा दे ठग लिया। तीन अक्तूबर को ठगों ने अमित को लेखराज खजाना मार्केट बुलवाया और फर्जी नियुक्तिपत्र सौंपा।
जब वह जॉइनिंग करने संस्था के ऑफिस पहुंचा तब ठगी की पोल खुली। लेखराज चौकी प्रभारी नूरुल हुदा खान, सिपाही राम प्रगास और प्रतिमा दुबे ने शनिवार सुबह सात बजे लेखराज खजाना मार्केट के बाहर से ठगी के आरोपी इंदिरानगर के अभिषेक वर्मा और सरिता सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
समाजवादी एंबुलेंस में करता था काम
ठगों ने बताया कि वह लेखराज खजाना मार्केट में स्थित प्लेसमेंट कंपनी हॉक विजन प्रोटेक्शन सिक्योरिटी का नाम लेकर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। उन्होंने एक ऑफिस भी खोला था। हाल ही में एक युवक को कृषि विभाग व मंडी परिषद में दो लोगों से नौकरी के नाम पर रुपये लिए थे। चौकी प्रभारी नूरुन हुदा खान ने बताया कि आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
अभिषेक वर्मा पहले समाजवादी एंबुलेंस सेवा 108 में नौकरी करता था। करीब डेढ़ साल पूर्व उसका तबादला कौशांबी कर दिया गया। अभिषेक वहां जाने की स्थिति में नहीं था और इस्तीफा दे दिया।
कुछ दिन मेडिकल स्टोर में काम करने के बाद ठगी का धंधा शुरू कर दिया। अभिषेक ने अपने दोस्त जनमेजय की बहन सरिता को अपना कारोबार शुरू करने का झांसा देकर साथ लिया। सरिता ने बीकॉम किया है। उसने बताया कि फर्जी नियुक्तिपत्र कंप्यूटर से अभिषेक ही तैयार करता था।
लेखराज चौकी प्रभारी नूरुल हुदा खान ने बताया कि हॉक विजन कंपनी को कुछ दिन से ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। कंपनी संचालकों ने एएसपी ट्रांस गोमती, सीओ गाजीपुर और थाना की पुलिस को पत्र लिखकर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।