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एकेटीयूः एक क्लिक पर होगी कॉलेजों की पूरी जानकारी, नहीं चल सकेगा फर्जीवाड़ा
Mon, 10 Feb 2020 11:47 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Feb 2020 11:47 AM IST
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कॉलेजों की पूरी जानकारी अब एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। शासन के निर्देश पर एकेटीयू ने कॉलेजों से जीआईएस आधारित प्रणाली लागू करने को कहा है। साथ ही संस्थान से जुड़ी लॉन्गीट्यूड-लेटीट्यूड की जानकारी मांगी है।
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इससे संबद्धता व अन्य कामों में फर्जीवाड़ा नहीं चल सकेगा। कागज पर कमरे व सुविधाएं दिखाकर संबद्धता लेने का खेल रुकेगा। नए शैक्षिक सत्र 2020-21 की संबद्धता से पहले इस पर सख्ती किए जाने से कॉलेजों में हड़कंप मचा हुआ है।
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शासन ने पिछले दिनों एकेटीयू से संबद्ध व घटक सरकारी-प्राइवेट कॉलेजों की लॉन्गीट्यूड-लेटीट्यूड की पूरी जानकारी मांगी थी। इसके बाद एकेटीयू ने सख्ती करते हुए लॉन्गीट्यूड-लेटीट्यूड की सूचना न देने वाले 185 कॉलेजों का रिजल्ट रोकने का निर्देश दिया है।
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कई बार ऐसी शिकायतें भी मिलती रही हैं कि संस्थान कागज पर तो संसाधन व बिल्डिंग की व्यापक जानकारी देते थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और होती थी। वहीं एक ही बिल्डिंग दिखाकर कई अलग-अलग कोर्सों की भी मान्यता ले ली जाती थी। अब गलत जानकारी देकर कोई संस्थान इसका लाभ नहीं ले सकेगा क्योंकि संस्थानों को अब ये सूचनाएं संबद्धता के आवेदन में भी देनी होंगी।
संबद्धता के लिए ऑनलाइन आवेदन 12 तक
जानकारी के अनुसार कॉलेजों से प्राप्त इन सूचनाओं को सेंटर फॉर जियो इन्फॉर्मेटिक्स सिस्टम से लिंक किया जाएगा। कभी भी इसका औचक निरीक्षण कर जानकारी का स्थलीय सत्यापन भी कराया जा सकता है। इससे कॉलेजों की लोकेशन आदि प्राप्त करने में भी आसानी होगी।
रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह ने कहा कि जीआईएस आधारित कॉलेजों की सूचना पब्लिक फोरम पर उपलब्ध होगी। जो भी चाहे, इसे ऑनलाइन देख सकेगा। शासन ने प्राइवेट और सरकारी सभी कॉलेजों की सूचना मांगी है। सरकारी कॉलेजों के तो शिक्षकों-विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों के खाली पदों की भी जानकारी मांगी गई है। जिन कॉलेजों ने सूचना नहीं दी है, उनके परीक्षा परिणाम रोके गए हैं। अगर जल्द सूचनाएं नहीं दी जाएंगी तो उनकी संबद्धता रिन्यूवल व वेतन रोकने की कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे।
एकेटीयू में नए सत्र में यूजी में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, आर्किटेक्चर, फार्मेसी व एमबीए, एमसीए, बीएचएमसीटी, बीवॉक, बीडेस आदि की नई संबद्धता के लिए 12 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। संबद्धता रिन्यूवल व सीटों में कटौती, संस्थान बंदी आदि के आवेदन इसके बाद किए जाएंगे।
रजिस्ट्रार नंदलाल सिंह ने कहा कि जीआईएस आधारित कॉलेजों की सूचना पब्लिक फोरम पर उपलब्ध होगी। जो भी चाहे, इसे ऑनलाइन देख सकेगा। शासन ने प्राइवेट और सरकारी सभी कॉलेजों की सूचना मांगी है। सरकारी कॉलेजों के तो शिक्षकों-विद्यार्थियों के साथ ही शिक्षकों के खाली पदों की भी जानकारी मांगी गई है। जिन कॉलेजों ने सूचना नहीं दी है, उनके परीक्षा परिणाम रोके गए हैं। अगर जल्द सूचनाएं नहीं दी जाएंगी तो उनकी संबद्धता रिन्यूवल व वेतन रोकने की कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे।
एकेटीयू में नए सत्र में यूजी में इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी, आर्किटेक्चर, फार्मेसी व एमबीए, एमसीए, बीएचएमसीटी, बीवॉक, बीडेस आदि की नई संबद्धता के लिए 12 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं। संबद्धता रिन्यूवल व सीटों में कटौती, संस्थान बंदी आदि के आवेदन इसके बाद किए जाएंगे।