{"_id":"5c666d8abdec2211a00c82d1","slug":"compensation-of-rupees-200-crores-against-premium-of-771-crores-in-crop-insurance","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फसल बीमा में 771 करोड़ के प्रीमियम के लिए सिर्फ 200 करोड़ का मुआवजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फसल बीमा में 771 करोड़ के प्रीमियम के लिए सिर्फ 200 करोड़ का मुआवजा
Fri, 15 Feb 2019 01:13 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 15 Feb 2019 01:13 PM IST
विज्ञापन
बजट किसान
- फोटो : self
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश में 2018-19 में फसल बीमा योजना में 6 बीमा कंपनियों को प्रीमियम का 771.64 करोड़ रुपये जमा कराया गया है, जबकि कंपनियों ने फसलों को हुए नुकसान की भरपाई में किसानों को मात्र 200 करोड़ 9 हजार रुपये का मुआवजा बांटा है। बृहस्पतिवार को विधानसभा में कृषि मंत्री की ओर से यह जानकारी दिए जाने पर विपक्ष ने फसल बीमा योजना में भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगाकर सर्वदलीय कमेटी से जांच की मांग की। उधर, सरकार ने विपक्ष के आरोप को निराधार बताते हुए जांच कराने से इनकार किया।
सपा के शैलेंद्र यादव ललई और निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि फसल बीमा योजना के लिए खुली निविदा में 18 कंपनियों ने आवेदन किया था। इनमें से 6 बीमा कंपनियों को चयनित किया गया है। सपा सरकार के समय केवल दो ही बीमा कंपनियों की मनमर्जी चल रही थी।
नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और नरेंद्र वर्मा ने कहा कि फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों को 571 करोड़ रुपये ज्यादा दिया गया है। सरकार इस राशि को सीधे किसानों को देती तो हजारों किसानों को फायदा होता।
विज्ञापन
विज्ञापन
सपा के शैलेंद्र यादव ललई और निर्दलीय अमनमणि त्रिपाठी के सवाल के जवाब में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने बताया कि फसल बीमा योजना के लिए खुली निविदा में 18 कंपनियों ने आवेदन किया था। इनमें से 6 बीमा कंपनियों को चयनित किया गया है। सपा सरकार के समय केवल दो ही बीमा कंपनियों की मनमर्जी चल रही थी।
विज्ञापन
नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी और नरेंद्र वर्मा ने कहा कि फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों को 571 करोड़ रुपये ज्यादा दिया गया है। सरकार इस राशि को सीधे किसानों को देती तो हजारों किसानों को फायदा होता।
विज्ञापन
15-20 प्रतिशत किसान ही कराते हैं फसल बीमा
बजट किसान
- फोटो : self
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अभी 15 से 20 प्रतिशत किसान ही फसल बीमा करा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि सभी किसान बीमा कराएं। जो किसान बीमा नहीं करा रहे हैं, उनकी फसल भी दैवी आपदा से खराब होने पर सरकार नियमानुसार मुआवजा देती है। जितने किसानों की फसल खराब हुई, उन्हें कंपनियों ने मुआवजा दिया है।