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यूपी: बीएसई व एनएसई में लिस्टेड हो सकेंगी प्रदेश की कंपनियां, बाजार के माध्यम से जुटा सकेंगी पूंजी
Thu, 12 Aug 2021 03:08 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 12 Aug 2021 03:08 PM IST
सार
मुलाकात में उत्तर प्रदेश से नई कंपनियों को एनएसई व बीएसई पर लिस्टेड कराने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
कैसरबाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 55 लाख डीमैट एकाउंट है और देश में तीसरे स्थान पर है।
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बैठक में मौजूद अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल व अन्य।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
शेयर बाजार के माध्यम से कंपनियों को पूंजी जुटाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नवनीत सहगल ने नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) के सीनियर मैनेजर राकेश कुमार से मुलाकात की।
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मुलाकात में उत्तर प्रदेश से नई कंपनियों को एनएसई व बीएसई पर लिस्टेड कराने पर सकारात्मक चर्चा हुई। कैसरबाग स्थित निर्यात प्रोत्साहन भवन में आयोजित बैठक में अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 55 लाख डीमैट एकाउंट है और देश में तीसरे स्थान पर है।
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उन्होंने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश से एनएसई पर आठ एवं बाम्बे स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) पर नौ कंपनियां लिस्टेड हैं जबकि उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रानिक्स, आईटी, लॉजिस्टिक, मैन्यूफैक्चरिंग, प्लास्टिक, लेदर, एग्रो, फूड प्रोडेक्टस्, वस्त्र आदि के क्षेत्र में कंपनियां अच्छा कार्य कर रही हैं।
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उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के एनएसई एवं बीएसई पर लिस्ट होने से उनकी मार्केट कैपिटल बढ़ेगी साथ ही व्यवासाय का विस्तार होगा और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले चार वर्षों में स्थापित कंपनियों को एनएसई व बीएसई पर लिस्ट कराने में प्राथमिकता दी जाएगी।
फिक्की और लघु उद्योग भारती जैसे औद्योगिक संगठनों का एनएसई व बीएससी के साथ वर्चुअल संवाद कराया जाएगा जिससे औद्योगिक संगठन अधिक से अधिक कंपनियों को एनएसई व बीएससी पर लिस्ट कराने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई कंपनियों को स्टाक मार्केट में सूचीबद्ध कराने के लिए हर संभव सहयोग व मदद दी जाएगी।