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Lucknow News: जमीन विवाद में फंसे काॅम्पैक्टर, कैसे सुधरे सफाई
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कॉम्पैक्टर की जगह पर कहीं लगा बिजली का पोल, कहीं अतिक्रमण।
लखनऊ। शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सभी 110 वार्डों में 46 आधुनिक कॉम्पैक्टर लगाए जाने थे, लेकिन दो साल बाद भी स्थिति जस की तस है। अब तक केवल 22 कॉम्पैक्टर ही स्थापित हो पाए हैं, जिनमें से दो खुद नगर निगम ने लगवाए हैं। बाकी 24 कॉम्पैक्टरों का काम अधर में लटका है। इससे शहर की स्वच्छता रेटिंग गिरने का खतरा पैदा हो गया है।
दो साल पहले नगर निगम ने सफाई का जिम्मा दो निजी कंपनियों को सौंपा था। इनमें से रामकी'''''''''''''''' के पास 77 और लॉयन एनवायरो के पास 33 वार्डों की जिम्मेदारी है। नियमों के मुताबिक, इन कंपनियों को ही कॉम्पैक्टर लगाने थे, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि 24 स्थान अब भी खाली हैं। इनमें से 9 जगहों पर जमीन का विवाद, अतिक्रमण या बिजली के पोल जैसी समस्याएं बाधा बनी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि इस कछुआ गति से काम चला, तो लक्ष्य पूरा होने में दो साल और लग सकते हैं।
सड़क पर कूड़ा, रैंकिंग में रोड़ा
कॉम्पैक्टर न होने से कई इलाकों में कूड़ा सड़कों पर फेंका जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार, शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए खुले पड़ाव घरों को बंद करना अनिवार्य है।
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इसलिए जरूरी है कॉम्पैक्टर
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता के अनुसार, कॉम्पैक्टर आधुनिक और बंद कंटेनर प्रणाली है। इसमें कचरा गाड़ी से सीधे कॉम्पैक्टर की बकेट में डाला जाता है, जो इसे अंदर प्रेस कर देती है। इससे कूड़ा बाहर नहीं फैलता और न ही बदबू आती है। बाद में बड़ी गाड़ियां इन कंटेनरों को सीधे शिवरी प्लांट ले जाती हैं। शहर की रेटिंग सुधारने के लिए यह जरूरी है।
वे जगहें, जहां विवाद में फंस गए काॅम्पैक्टर
1- लालबाग में नगर निगम का सुपर मार्केट : यहां दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण काम शुरू नहीं हो पाया।
2- सिटी स्टेशन के पास मूंगफली मंडी : यहां भी अतिक्रमण के कारण काम ठप।
3- आरआर ऑफिस के सामने : यहां सेना से जमीन का विवाद।
4- जानकीपुरम सेक्टर-जे : पहले जमीन विवाद कारण काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद छुइयापुरावा में जगह चिह्नित हुई, मगर बिजली का पोल होने से काम रुका।
5- इंदिरानगर के चंद्रा कुंज के सामने : यहां भी जमीन का विवाद होने से काम नहीं हो सका। बाद में दूसरी जगह काम शुरू हुआ, मगर अब तक अधूरा।
6- इंदिरानगर में फैमिली बाजार के पास : जमीन विवाद।
7- बालागंज में द्वितीय जलकल परिसर : जलकल से जमीन का आवंटन न होने से काम फंसा।
8- दुबग्गा में मंडी परिषद के पास : मंडी परिषद ने आपत्ति कर काम रुकवा दिया।
9- इंदिरानगर से लगे लवकुश नगर में : बिजली का पोल होने से काम रुक ।
Iकुछ जगहों पर काॅम्पैक्टर जमीन विवाद, अतिक्रमण और बिजली का पोल होने के कारण नहीं लग पा रहे हैं। इसको लेकर नगर निगम को पत्र भी भेजा गया है, जिसमें अतिक्रमण हटवाने में सहयोग और जमीन विवाद दूर कराने की मांग की गई है। जैसे ही विवाद दूर होगा या नई जगह चिह्नित होगी, काम शुरू करा दिया जाएगा।I
I- अभय रंजन, प्रोजेक्ट हेड लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनीI
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दो साल पहले नगर निगम ने सफाई का जिम्मा दो निजी कंपनियों को सौंपा था। इनमें से रामकी'''''''''''''''' के पास 77 और लॉयन एनवायरो के पास 33 वार्डों की जिम्मेदारी है। नियमों के मुताबिक, इन कंपनियों को ही कॉम्पैक्टर लगाने थे, लेकिन काम की रफ्तार इतनी धीमी है कि 24 स्थान अब भी खाली हैं। इनमें से 9 जगहों पर जमीन का विवाद, अतिक्रमण या बिजली के पोल जैसी समस्याएं बाधा बनी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि इस कछुआ गति से काम चला, तो लक्ष्य पूरा होने में दो साल और लग सकते हैं।
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सड़क पर कूड़ा, रैंकिंग में रोड़ा
कॉम्पैक्टर न होने से कई इलाकों में कूड़ा सड़कों पर फेंका जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण के मानकों के अनुसार, शहर को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए खुले पड़ाव घरों को बंद करना अनिवार्य है।
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इसलिए जरूरी है कॉम्पैक्टर
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता के अनुसार, कॉम्पैक्टर आधुनिक और बंद कंटेनर प्रणाली है। इसमें कचरा गाड़ी से सीधे कॉम्पैक्टर की बकेट में डाला जाता है, जो इसे अंदर प्रेस कर देती है। इससे कूड़ा बाहर नहीं फैलता और न ही बदबू आती है। बाद में बड़ी गाड़ियां इन कंटेनरों को सीधे शिवरी प्लांट ले जाती हैं। शहर की रेटिंग सुधारने के लिए यह जरूरी है।
वे जगहें, जहां विवाद में फंस गए काॅम्पैक्टर
1- लालबाग में नगर निगम का सुपर मार्केट : यहां दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण काम शुरू नहीं हो पाया।
2- सिटी स्टेशन के पास मूंगफली मंडी : यहां भी अतिक्रमण के कारण काम ठप।
3- आरआर ऑफिस के सामने : यहां सेना से जमीन का विवाद।
4- जानकीपुरम सेक्टर-जे : पहले जमीन विवाद कारण काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद छुइयापुरावा में जगह चिह्नित हुई, मगर बिजली का पोल होने से काम रुका।
5- इंदिरानगर के चंद्रा कुंज के सामने : यहां भी जमीन का विवाद होने से काम नहीं हो सका। बाद में दूसरी जगह काम शुरू हुआ, मगर अब तक अधूरा।
6- इंदिरानगर में फैमिली बाजार के पास : जमीन विवाद।
7- बालागंज में द्वितीय जलकल परिसर : जलकल से जमीन का आवंटन न होने से काम फंसा।
8- दुबग्गा में मंडी परिषद के पास : मंडी परिषद ने आपत्ति कर काम रुकवा दिया।
9- इंदिरानगर से लगे लवकुश नगर में : बिजली का पोल होने से काम रुक ।
Iकुछ जगहों पर काॅम्पैक्टर जमीन विवाद, अतिक्रमण और बिजली का पोल होने के कारण नहीं लग पा रहे हैं। इसको लेकर नगर निगम को पत्र भी भेजा गया है, जिसमें अतिक्रमण हटवाने में सहयोग और जमीन विवाद दूर कराने की मांग की गई है। जैसे ही विवाद दूर होगा या नई जगह चिह्नित होगी, काम शुरू करा दिया जाएगा।I
I- अभय रंजन, प्रोजेक्ट हेड लखनऊ स्वच्छता अभियान कंपनीI

कॉम्पैक्टर की जगह पर कहीं लगा बिजली का पोल, कहीं अतिक्रमण।