'प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ताकतें हावी'
समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि लोकसभा में सांप्रदायिकता पर बहस के दौरान भाजपा सांसदो ने मुलायम सिंह यादव के भाषण के समय व्यवधान डाल कर जता दिया है कि देश में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली ताकतें हावी होना चाहती हैं।
यही नहीं, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के भी खतरे में पड़ने के संकेत है। देश तानाशाही की ओर न बढ़े, इसके कड़े प्रतिवाद की जरूरत अब और ज्यादा महसूस होने लगी है।
राजेन्द्र चौधरी ने कहा, मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सांप्रदायिकता के खिलाफ सपा शुरू से संघर्शशील रही है।
भाजपाइयों का आचरण आपत्तिजनक
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि देशभर में धर्मनिरपेक्षता के प्रबल पक्षधर के रूप में मुलायम का सम्मान एवं ख्याति है। संसद में और उसके बाहर वह बराबर इस बात पर जोर देते रहे हैं कि देश की आजादी की लड़ाई और आजादी की रक्षा के लिए किसान और मुसलमान दोनों का योगदान रहा है।
संसद में यह बात कहने पर भाजपा सदस्यों ने टोकाटोकी की हद कर दी। बार-बार उनके भाषण में व्यवधान डाला। भाजपा सांसदों का यह आचरण घोर आपत्तिजनक एवं अलोकतांत्रिक है।
स्पष्ट है कि देश में सामाजिक तानाबाना छिन्न भिन्न करने की ताकतें फिर एकजुट हो रही है। उत्तर प्रदेश उनके निशाने पर है।
मोदी का प्रचार कर चुकी माया
मुजफ्फरनगर, कांठ (मुरादाबाद), मेरठ और सहारनपुर में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की साजिशों का खुलासा हो चुका है। समाजवादी सरकार बनने के पहले दिन से ही प्रदेश में विकास का जो एजेंडा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तय किया है उससे उन तत्वों को परेशानी है जो प्रदेश में लूट के व्यापार के साझीदार रहे है।
सपा प्रवक्ता ने कहा, मुलायम सिंह यादव सांप्रदायिकता के खतरे से देश को आगाह करते रहे हैं। जनता ने बसपा को पहले ही सत्ता से बहिष्कृत कर रखा है। बसपा राज के घोटालों में बड़े-बड़े बसपा नेता मंत्री फंसे हुए हैं।
वैसे भी बसपा, भाजपा की बैसाखी पर तीन बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के पक्ष में प्रचार के लिए गुजरात जा चुकी हैं। उनका सांप्रदायिकता और उसकी प्रवर्तक भाजपा से सहयोग का पुराना चरित्र है।