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उपभोक्ता के उत्पीड़न की जांच करेगी बिजली कमेटी

Mon, 01 Feb 2021 02:05 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 02:05 AM IST
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Commetie formed for Investigation of consumer harassment
कैसरबाग में उपभोक्ता केशव रॉय के उत्पीड़न की खबर प्रकाशित होने के बाद आननफानन जांच कमेटी गठित कर दी गई है।
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कमेटी का अध्यक्ष उस अधिशासी अभियंता को बना दिया गया है जो खुद ‘लाखों रुपये के बिल हजारों में बनाने’ के मामले की जांच में फंसा है।
कमेटी पर दूसरा सबसे बड़ा सवाल है कि जिस सर्किल की चेकिंग टीम के इंजीनियर और कर्मचारी उसी सर्किल के अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे। कमेटी पांच दिन में जांच पूरी करेगी।
अमर उजाला ने 31 जनवरी को ‘दो लाख रुपये दो, चार लाख की पेनाल्टी माफ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर रेजीडेंसी खंड की चेकिंग टीम के द्वारा मैकेनिकल मीटर बदलने की जांच के नाम पर खेल का खुलासा किया था।
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इसका संज्ञान लेते हुए सर्किल आठ के अधीक्षण अभियंता मनीष कुमार अग्रवाल ने रविवार को दफ्तर खोलकर जांच कमेटी का गठन किया।
कमेटी के अध्यक्ष चौक खंड के अधिशासी अभियंता ज्ञान प्रकाश और अधिशासी अभियंता (परीक्षण) महफूज आलम को सदस्य बनाया गया।
यह सभी अधिकारी उसी सर्किल के हैं, जिस सर्किल की चेकिंग टीम है। जबकि इस प्रकरण की जांच का दायित्व मुख्य अभियंता मधुकर वर्मा को निभाना था। उनके द्वारा ऐसी कमेटी गठित की जाती जो दूसरे सर्किल के अभियंता होते।
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5 घंटे की जांच के लिए 5 दिन
कमेटी को प्रकरण की जांच के लिए 5 दिन दिए गए है। जबकि 5 घंटे ही काफी थे। इसकी वजह उपभोक्ता द्वारा उच्च अफसरों को भेजे गए बातचीत के ऑडियो में टीम के इंजीनियर की आवाज की पुष्टि भी हो चुकी है। अंदेशा है कि कमेटी जांच के नाम पर प्रकरण को लटकाएगी।

भ्रष्टाचार के दो मामले, कार्रवाई सिर्फ ट्रांसफर
इससे पहले बख्शी का तालाब डिवीजन के न्यू यूनिवर्सिटी कैंपस के जूनियर इंजीनियर पंकज के भ्रष्टाचार के दो मामले उजागर हुए। पहला 59 हजार की घूस लेने के बाद भी चार महीने तक किसान को नलकूप का बिजली कनेक्शन नहीं दिया। इसके बाद बिना एस्टीमेट के प्रॉपर्टी डीलर के लिए अवैध बिजली लाइन बना दी। जांच में दोनों मामलों की पुष्टि हुई। मगर प्रबंधन ने कार्रवाई के नाम पर जूनियर इंजीनियर का सिर्फ सर्किल में ही ट्रांसफर कर दिया।
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