यूपी: मोदी के विरोध में कांग्रेसियों का सियासी ड्रामा!
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यूपी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने मंगलवार को मोदी सरकार के विरोध में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध मार्च निकाला।
कांग्रेस ने कहा कि मोदी चुनाव से पहले महंगाई रोकने, काला धन वापस लाने, सीमा की सुरक्षा, पाकिस्तान व चीन को मुंहतोड़ जवाब देने सहित कई वादे किए थे, लेकिन सरकार 100 दिन में एक भी वादा पूरा नहीं कर सकी है।
मोदी सरकार की यही वादाखिलाफी आम जनता को बताने के लिए यह मार्च निकाला जा रहा है। हालांकि, जिला प्रशासन ने कांग्रेस को लखनऊ में चुनाव आचार संहिता व धारा 144 लगी होने के कारण विरोध मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी थी। इसके बावजूद कांग्रेस मंगलवार को राजधानी में मार्च निकालने की जिद पर अड़ी रही।
नतीजतन, पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री समेत कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रीता बहुगणा जोशी और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में सभी बड़े नेताओं के साथ करीब 250 कांग्रेसियों को छोड़ दिया गया।
लेकिन, सोनिया ने नहीं दिए थे संकेत
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र मदान ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि मोदी ने जो वादे देश की जनता से किए थे, उनमें से एक भी पूरा नहीं किया है। इसीलिए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं व नेताओं ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया है।
गौरतलब है कि कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी भी सोमवार से रायबरेली दौरे पर हैं। उनसे भी मोदी के कार्यकाल पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने ऐसे विरोध प्रदर्शन का कोई संकेत नहीं दिया। सोनिया ने कहा कि इसका सही जवाब जनता के पास है कि मोदी के 100 दिनों के कार्यकाल में उन्हें महंगाई से निजात मिली या नहीं।
नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों की पहली बैठक कल
कांग्रेस के सभी नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों की पहली बैठक 3 सितंबर को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में होगी। इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री व प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री मौजूद रहेंगे। बैठक में पार्टी के भावी कार्यक्रमों पर भी चर्चा की जाएगी।