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फिलहाल महंगी नहीं होगी सीएनजी-पीएनजी
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 25 Sep 2014 01:59 PM IST
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प्रदेश के सीएनजी उपभोक्ताओं को फिलहाल महंगी गैस का दंश नहीं झेलना पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा लागू नई एपीएम व्यवस्था से सीएनजी आपूर्ति से जुड़ी गैस कंपनियां अभी इसकी कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं करेंगी।
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बुधवार को यह जानकारी गेल के निदेशक (मानव संसाधन) व ग्रीन गैस कंपनी के अध्यक्ष एम रविन्द्रन ने दी। उन्होंने बताया कि उपभोक्ताओं को सस्ती सीएनजी व पीएनजी मुहैया कराने के लिए तैयार पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट पर नेचुरल गैस वितरण की नई नीति का ऐलान 30 सितंबर तक प्रस्तावित है।
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इसके बाद ही नेचुरल गैस की कीमतों की स्थिति साफ हो पाएगी। गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक ने बताया कि केंद्र में नई सरकार आने के बाद पेट्रोलियम पदार्थों के मुकाबले नेचुरल गैस के उपयोग को जनसमुदाय में लोकप्रिय बनाने की विशेष कार्ययोजना बनाई जा रही है।
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सरकार ने सीएनजी व पीएनजी से जुड़ी कंपनियों को एपीएम (एडमिनिस्ट्रेटिव प्राइज मैकेनिज्म) के तहत वर्तमान में सप्लाई की जाने वाली गैस के लिए एक दर का निर्धारण कर दिया है।
ऐसे में अगर नेचुरल गैस उत्पाद से जुड़ी कंपनियां कीमतें बढ़ाएंगी तो फिलहाल मौजूदा दर पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं को वर्तमान दर पर सीएनजी व पीएनजी मिलती रहेगी।
लखनऊ में इस समय सीएनजी 49.95 रुपये प्रति किग्रा की दर से मिल रही है। पांच महीने पहले अप्रैल तक इसकी कीमत 67.81 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गई थी।
केंद्र सरकार की नई एपीएम व्यवस्था से सीएनजी की कीमतों में इतना ज्यादा उछाल उपभोक्ताओं को निकट भविष्य में नहीं झेलना पड़ेगा।
बनारस व इलाहाबाद भी बनेंगे सीएनजी-पीएनजी शहर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र बनारस व संगम नगरी इलाहाबाद भी जल्द ही सीएनजी-पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) शहर बनेंगे। भारत सरकार की प्राकृतिक गैस आधारित अर्थव्यवस्था थीम के तहत इन दोनों शहरों के साथ ही बरेली व झांसी शहरों को भी सीएनजी सप्लाई के दायरे में लाया जाएगा।
गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के निर्देश पर बनारस व इलाहाबाद में तो नेचुरल गैस सप्लाई व्यवस्था को शीघ्र शुरू करवाने के लिए संबंधित सप्लाई कंपनी के स्तर पर सर्वे कार्य भी शुरू हो गया है।
यह जानकारी बुधवार को गेल के निदेशक (एचआर) व ग्रीन गैस कंपनी के चेयरमैन एम रविन्द्रन ने दी। वह कंपनी की बोर्ड ऑफ गवर्निंग की बैठक में भाग लेने लखनऊ आए थे।