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...और इस तरह टल गई बड़ी तबाही
ज्ञान सक्सेना/अमल उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 08 Mar 2014 10:02 AM IST
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कैंट में निर्माणाधीन फ्लाई ओवर क्षेत्र में लापरवाही से की जा रही ड्रिलिंग की वजह से सीएनजी सप्लाई की मुख्य भूमिगत पाइप क्षतिग्रस्त हो गई।
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गनीमत रही कि ड्रिलिंग से पाइप लाइन के ऊपर सुरक्षा के लिए की गई पांच मिमी हैवी मेटल की कोडिंग पूरी तरह डैमेज नही हो पाई।
अगर ड्रिलिंग एक मिमी और गहरी होती तो मुख्य सीएनजी लाइन गैस के मौजूदा प्रेशर 19 बॉर के साथ तेज धमाके के साथ फट जाती। पाइप लाइन के समीप स्थित दो पेट्रोल पंपों के इस धमाके की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो सकता था।
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ग्रीन गैस कंपनी के प्रबंध निदेशक एसपी शर्मा ने बताया कि सीएनजी लाइन में डैमेज की जानकारी भी सेतु निगम प्रशासन ने बड़ी देर से दी।
उन्होंने बताया कि जिस स्थिति में मुख्य सप्लाई लाइन की सेफ्टी मेंटल कोडिंग डैमज हुई है उसकी मरम्मत अमेरिका से मंगाई जाने वाली सामग्री व उपकरण से होगी। पाइप लाइन को दुरुस्त करने में कम से कम दो सप्ताह का समय लगेगा।
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इस दौरान कंपनी के विशेषज्ञों की टीम नियमित तौर पर पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से की निगरानी करेगी। उन्होंने साफ किया कि फिलहाल इस डैमेज से ट्रांस गोमती में सीएनजी व पीएनजी की सप्लाई में कोई गतिरोध नहीं आएगा।
एसपी शर्मा ने बताया कि पहले भी सेतु निगम को पत्र भेजकर फ्लाई ओवर निर्माण के दौरान क्षेत्र में बिछी सीएनजी व पीएनजी लाइन के बारे में जानकारी देते हुए इसे शिफ्ट न करने की बात कही थी।
प्रोजेक्ट प्रभारी से कहा गया था कि ड्रिलिंग यो खुदाई के दौरान कंपनी के अधिकारियों को सूचित करें।
इसके बावजूद सेतु निगम के ठेकेदारों ने बिना ग्रीन गैस कंपनी को जानकारी दिए सीएनजी लाइन के ठीक ऊपर ड्रिलिंग का काम शुरू करा दिया।
ठेकेदार ने रात में ही लाइन के क्षतिग्रस्त हिस्से पर मिट्टी डाल दी। फिर दूसरे दिन गैस कंपनी के अधिकारियों को औपचारिकता के तहत जांच कराने की बात कही।
जब कंपनी के अधिकारियों ने जांच की तो मुख्य सप्लाई लाइन के खतरनाक स्तर तक क्षतिग्रस्त होने का पता चला।
गैस कंपनी ने सेतु निगम प्रशासन से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत पूरा न होने तक प्रभावित क्षेत्र में किसी भी तरह की खुदाई न कराने की ताकीद की है।