एक लाख से भी कम लागत में बनें उद्यमी
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सीमैप कम खर्च में उद्यमी बनने का मौका देगा। इसके लिए उसने केंद्रीय एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम) मंत्रालय को अपनी 23 प्रौद्योगिकी का मसौदा भेजा है। एमएसएमई में नए क्षेत्रों की तलाश कर रहे केंद्रीय एमएसएमई राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने सीमैप से इस बाबत जानकारी मांगी थी।
इसके बाद संस्थान ने एक लाख रुपये से भी कम में उद्यम शुरू करने से लेकर एक करोड़ से अधिक निवेश के सुझाव मंत्रालय को दिए हैं।
निदेशक डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पिछले दिनों केंद्रीय राज्यमंत्री सीमैप के दौरे पर आए थे।
उन्होंने यहां की प्रौद्योगिकी और इनके व्यावसायिक उपयोग पर वार्ता की। वह कई तकनीकों से खुद भी प्रभावित थे। इसके बाद उन्होंने हमारे वैज्ञानिकों से एक प्रस्ताव मांगा था। इसमें उद्यम लगाने, इस्तेमाल होने वाली प्रौद्योगिकी और इस पर आने वाले खर्च की जानकारी बताने को कहा गया था।
उन्होंने कहा, हमने 23 प्रौद्योगिकी का एक प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री को भेजा है। सीमैप के भेजे प्रस्ताव को निवेश में आने वाले खर्च के आधार पर सात बिन्दुओं में बांटा गया है।
यहां जाने कितनी होगी कमाई
इसमें एक लाख से कम, एक लाख से पांच लाख, पांच से 10 लाख, 10-25 लाख, 25-50 लाख, 50 लाख से एक करोड़ और एक करोड़ से अधिक रुपये के खर्च के उद्यम शामिल हैं। निवेश के लिए सीमैप की बातचीत सिडबी के साथ भी चल रही है। सिडबी विभिन्न योजनाओं में इच्छुक लोगों को लोन दे सकता है।
सीमैप के सलाहकार डॉ. एके सिंह ने बताया कि लघु स्तर पर एक लाख रुपये तक के खर्च में गुलाब जल, शतावर व अश्वगंधा की शुरुआती प्रोसेसिंग और एलोवेरा जूस बनाने का उद्यम लगाया जा सकता है।
इसके तहत मैनुअल मशीन से एक महीने में करीब 500 लीटर तक एलोवेरा जूस निकलेगा। इससे 15-20 हजार रुपये प्रतिमाह की कमाई हो सकती है।