सीएम योगी ने दी अधिकारियों को चेतावनी, 15 दिसंबर के बाद गंगा में न गिरे नालों का पानी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि 15 दिसंबर के बाद गंगा में नालों का पानी न गिरे। उन्होंने नालों के अलावा गंगा से मिलने वाली सहायक नदियों को स्वच्छ करने और कानपुर की टेनरियों की शिफ्टिंग व निर्माणाधीन एसटीपी का काम शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश शुक्रवार को कुंभ की तैयारियों की प्रगति की समीक्षा के दौरान दिए।
उन्होंने गंगा में गिरने वाले गंदे नालों पर रोक लगाने के काम में धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। कहा कि कुंभ के दौरान मकर संक्रांति, पौष पूर्णिमा, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर होने वाले प्रमुख स्नान के मौके पर अनिवार्य रूप से निर्मल जल की व्यवस्था की जाए।
इस मौके पर प्रमुख सचिव सिंचाई ने बताया कि इसके लिए टिहरी, भीमगौड़ा, नरौरा व कानपुर बैराज के डाउन स्ट्रीम में पर्याप्त पानी छोड़ने की व्यवस्था कर ली गई है। इस पर मुख्यमंत्री ने गंगा किनारे बसे 1627 गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और सीधे गंगा में गिरने वाले नालों को टैप करने काम को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इस पर अधिकारियों ने बताया कि अब तक 99 नाले टैप हो चुके हैं और 127 नालों के पानी का शोधन किया जाना है।
जल प्रदूषण कम करने को लें विशेषज्ञों की मदद
मुख्यमंत्री ने एसटीपी में वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करने और जल प्रदूषण कम करने में आईआईटी कानपुर एवं आईआईटी बीएचयू के विशेषज्ञों की मदद लेने को कहा है। यूपीएसआईडीसी के अधिकारी ने बताया गया कि कानपुर में टेनरी शिफ्टिंग के लिए रमईपुर सेनपूरब पारा में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना के लिए 183.416 हेक्टेयर भूमि की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह वाराणसी शहर के शाही नाले के जीर्णोद्धार का कार्य करीब 62 प्रतिशत व दीनापुर एसटीपी के जीर्णोद्धार का काम 95 प्रतिशत हो चुका है। गोइठहां में 120 एमएलडी क्षमता के एसटीपी का निर्माण पूरा हो चुका है।