मुख्यमंत्री योगी का वादा, दो अक्टूबर तक यूपी को कर देंगे ओडीएफ, महिलाओं को सम्मानित कर मांगा सहयोग
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दो अक्तूबर 2018 तक प्रदेश के सभी 75 जिलों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने एक से 15 अप्रैल तक 38 जिलों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने की घोषणा की। इन जिलों में जलजनित या विषाणु जनित बीमारियां फैलती हैं, एई व जेई का प्रकोप होता है।
उन्होंने महिला प्रधानों से इंद्रधनुष योजना में सभी बच्चों के टीकाकरण में भी सहयोग मांगा। उन्होंने महिला प्रधानों से कहा, वे लोगों को जागरूक करें कि स्वच्छ पेयजल और सफाई से बीमारियों से मुक्ति मिल सकती है। लोगों को शौचालयों के उपयोग के लिए प्रेरित करें।
योगी बृहस्पतविार को कांशीराम स्मृति उपवन में पंचायती राज विभाग की ओर से आयोजित स्वच्छ शक्ति-2018 सम्मेलन में महिला ग्राम प्रधानों, महिला स्वच्छाग्रहियों तथा महिला समाख्या की सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। समारोह में स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए 7 महिला अधिकारियों, 12 ग्राम प्रधानों व 11 स्वच्छाग्रहियों समेत 30 महिलाओं को सम्मानित किया गया।
सीएम, केंद्रीय मंत्री उमा भारती और प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री चौधरी भूपेन्द्र सिंह ने 37 स्वच्छता रथों को जिलों के लिए रवाना किया। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे न्यूज लेटर और इज्जतघर के लोगो का विमोचन हुआ और मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया गया।
अभी तक सात जिले और 19 हजार गांव हुए हैं प्रदूषण से मुक्त
सीएम ने कहा कि अक्तूबर 2018 तक प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य है। अभी तक 7 जिले और 19 हजार गांव इससे मुक्त हो चुके हैं। गंगा किनारे के गांव भी ओडीएफ हो गए हैं। उन्होंने खुशी जताई कि 24 अप्रैल 2017 को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना की घोषणा की गई। इसमें प्रदेश की 375 ग्राम पंचायतों को पुरस्कार दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा, सशक्त समाज के निर्माण में मातृशक्ति का अहम योगदान है। खुशी है कि महिला प्रधानों ने अथक प्रयत्नों से बेहतर प्रदर्शन किया है। उनके सामने अवसर है। वे ऐसा काम करें जो अगली पीढ़ी के लिए उदाहरण बनें। उन्होंने महिला प्रधानों से कुपोषण मुक्त भारत बनाने के राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
ट्रिपल तलाक से आधी आबादी को मिली आजादी
योगी ने कहा, नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महिलाओं पर खास फोकस है। ट्रिपल तलाक पर कानून बनाकर केंद्र सरकार ने आधी आबादी को स्वतंत्रता की अनुभूति कराई है।
11 माह में 33 लाख शौचालय बने
सीएम ने कहा, प्रदेश में 11 माह में 33 लाख व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण किया गया है। शामली, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, बिजनौर, बागपत, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर को खुले में शौच से मुक्त किया गया है। एक अप्रैल से 38 जिलों में विशेष सफाई अभियान प्रारंभ होगा।
30 महिलाओं का हुआ सम्मान
7 महिला अधिकारी : इटावा की डीएम सेलवा कुमारी, गाजियाबाद की पूर्व डीएम मिनिस्ती एस, बागपत की सीडीओ चांदनी सिंह, हापुड़ की सीडीओ दीपा, शामली की पूर्व सीडीओ यशु रस्तोगी, उपनिदेशक (पंचायत) प्रवीणा चौधरी, हापुड़ की डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव।
11 स्वच्छाग्रही : सुमन कुमारी हाथरस, गीता वर्मा बुलंदशहर, निशा सहारनपुर, आराधना मिश्रा कौशांबी, पूजा मैनवाल मुजफ्फरनगर, गुलशन जहां श्रावस्ती, बरनाली डेका एटा, इन्दु यादव वाराणसी, पूनम सिंह आजमगढ़, साहिबा बानो मऊ, कृष्णा देवी लखनऊ।
12 ग्राम प्रधान: सुचेता सिंह गाजियाबाद, प्रवेश देवी हाथरस, लता देवी बुलंदशहर, सुनीता सहारनपुर, अंजनी सिंह कौशांबी, ममता कासगंज, रेखा मौर्या सोनभद्र, आरती देवी कुशीनगर, ज्योति मिश्रा ललितपुर, पुष्पा देवी सीतापुर, रितु देवी अमरोहा, अर्णिमा त्यागी गाजियाबाद।