सीएम योगी की सुरक्षा में चूक, खेत में उतारा गया हेलीकॉप्टर, तीन निलंबित
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर मंगलवार को कासगंज के फरौली गांव में बने हेलीपैड पर नहीं उतर पाया, जिसके कारण उसे एक खेत में उतारना पड़ा। पायलट ने उड़ान भरते हुए कई बार हेलीकॉप्टर को निर्धारित स्थान पर उतारने की कोशिश की, लेकिन हेलीकॉप्टर की टेल के पीछे बने भवन से टकराने की आशंका को देखते हुए पायलट ने खेत में उतारा। सीएम की सुरक्षा में चूक पर प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने एडीजी सुरक्षा से रिपोर्ट मांगी है। वहीं, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए पीडब्ल्यूडी के तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
सीएम कासगंज में प्राकृतिक आपदा से हुई जनहानि की स्थिति का जायजा लेने और डकैती की वारदात में मारे गए लोगों के परिवरीजनों से मिलने पहुंचे थे। सुबह 10:40 बजे पायलट ने हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर उतारने के लिए कई चक्कर काटे। एक बार तो हेलीकाप्टर काफी नीचे आ गया, लेकिन खतरा देखते हुए पायलट ने फिर से उड़ान भरी और कार्यक्रम स्थल से कुछ दूरी पर गांव के ही एक प्लेन खेत में हेलीकाप्टर उतारा।
अफसरों के छूटे पसीने
सीएम का हेलीकॉप्टर खेत में उतरते देख एडीजी, डीएम, डीआईजी, एसडीएम सहित सभी अफसर, पार्टी के नेता, एनएसजी कमांडो और पुलिसकर्मी खेत की ओर दौड़ पड़े। सुरक्षा को लेकर अफसरों के पसीने छूट गए। सुरक्षाकर्मियों ने दौड़कर सुरक्षा घेरा बनाया। सीएम हेलीकॉप्टर से बाहर निकले और पैदल ही गांव की ओर चल पड़े।
लखनऊ में मचा हड़कंप
इसकी खबर लखनऊ पहुंची तो डीजीपी ऑफिस से लेकर गृह विभाग तक के अफसरों में हड़कंप मच गया। पहले डीएम कासगंज, फिर डीआईजी कासगंज से रिपोर्ट तलब की गई। गृह विभाग ने एडीजी सुरक्षा विजय कुमार से भी रिपोर्ट मांगी। उधर, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस मामले में कासगंज के अधिशासी अभियंता चंद्र पाल सिंह, सहायक अभियंता अजय कुमार और क्षेत्रीय अवर अभियंता को निलंबित कर दिया है।