UP: 'विपक्ष के पास महिला अपराधों के पाप से मुक्ति पाने का मौका था', योगी बोले-मगर,द्रौपदी चीर हरण जैसा कर दिया
राजधानी में सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष को घेरा। कहा कि विपक्ष नहीं चाहता है कि महिलाओं को सम्मान मिले। इससे आधी आबादी में आक्रोश है। ये लोग वोट की ताकत से विपक्ष को सबक सिखाएंगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राजधानी लखनऊ में रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पत्रकार वार्ता की। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा की और विपक्ष को घेरा।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि सपा तुष्टिकरण की राजनीति करती है। मुस्लिम बहनों के लिए आरक्षण की मांग करते हैं, जबकि हमारा संविधान किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की अपेक्षाओं में पानी फेरा है। उस दिन को उन्होंने काला दिन बना दिया। इसके विरोध में महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रही हैं। आने वाले समय में वोट की ताकत से भी महिलाएं विपक्ष को सबक सिखाएंगी।
आरक्षण की सीटें बढ़ाने का तय किया था
उन्होंने कहा कि महिला संगठनों ने महिला आरक्षण बिल को 2023 के बजाय 2029 में लागू करने की मांग की। सरकार विशेष अधिवेशन भी लेकर आई। कुछ राज्यों ने उनके हक को कम करने की चिंता जताई थी। प्रधानमंत्री के तय किया था, किसी का हक न मारा जाए, इसलिए आरक्षण की सीटें बढ़ाने का तय किया था। 2011 की जनगणना के मुताबिक उत्तर और दक्षिण के राज्यों में सीटें बढ़नी थीं। इससे नारी को उसका स्वाभाविक अधिकार मिलता। लोगों ने न जाने क्या क्या बात कही। सपा ने मुस्लिम आरक्षण की बात कही।संसद में द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य था
सीएम ने कहा कि संसद का विशेष अधिवेशन इसी बात के लिए हुआ था, राज्यों के हक का भी इस दौरान पूरा ध्यान रखा गया। सभी राज्यों में सीटें समान अनुपात में बढ़ाई गई, किसी का हक कम नहीं होना था। उत्तर के राज्य हों या दक्षिण के राज्य। सदन के अंदर इंडी गठबंधन की टिप्पणियां, द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य था। समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम महिलाओं के आरक्षण के बात की, ये संविधान की दुहाई देने वाले लोग बाबा साहब की भावना के विपरीत आचरण करते हैं। संविधान बनते वक्त धर्म के आधार पर आरक्षण की बात आई तो बाबा साहब ने कहा था के एक बार विभाजन हो गया, दोबारा विभाजन नहीं हो सकता।कांग्रेस ने नारी, युवा, किसान और गरीब के लिए कुछ अच्छा नहीं किया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बताए के महिला आरक्षण से जुड़ा ये मुद्दा प्रोग्रेसिव कदम था। वो तब कहां थे जब शाह बानो प्रकरण में कांग्रेस ने पाप किया था। पीएम मोदी ने देश में ट्रिपल तलाक पर कानून बनाया तो भी इन लोगों ने विरोध किया था। आज महिलाओं के हक की दुहाई देने वालों ने देश में सबसे अधिक समय तक शासन किया, लेकिन नारी, युवा, किसान और गरीब के लिए ये कुछ अच्छा नहीं कर पाए।