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पुलिस के रवेयै पर भड़के सीएम योगी, सिविल मामलों में देर रात दबिश न देने का निर्देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:27 PM IST
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सीएम योगी
- फोटो : डेमो
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मुख्यमंत्री योगी ने यूपी पुलिस को सिविल मामलों में देर रात दबिश नहीं देने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा है कि जघन्य अपराध के अभियुक्त के अलावा किसी भी सामान्य क्राइम के अभियुक्त/वारंटी की गिरफ्तारी के लिए रात में दबिश नहीं दी जाएगी। आशियाना क्षेत्र में अमिषा सिंह के घर देर रात पुलिस द्वारा दबिश देने और उनसे अभद्रता करने के मामले की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सीएम ने ये निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि रविवार को साढ़े बारह बजे के करीब पुलिस आशियाना निवासी अरविंद सिंह के घर पहुंची। अरविंद सिंह की गैर मौजूदगी में घर पर घुसने की कोशिश की लेकिन उनकी पत्नी व बेटी ने दरवाजा नहीं खोला। अमीषा का आरोप है कि इस पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करते हुए गेट पर चढ़ गए।
अमीषा ने बताया कि वह अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगी तो, एक पुलिसकर्मी ने मोबाइल फोन छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। अमीषा ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी पुलिस और डीजीपी सहित अन्य अफसरों से शिकायत की। उसने लिखा कि वे बिना महिला कान्सटेबल के आए और गेट खटखटाया।
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अमीषा ने बताया कि उसके पिता रविवार को बाहर गए थे। घर पर मां के अलावा वह और उसका छोटा भाई प्रखर थे। आधी रात को किसी ने गेट खटखटाया तो वह बाहर निकली। बाहर करीब 15-20 पुलिसकर्मी खड़े थे। पुलिसकर्मियों ने उसे देखते ही दरवाजा खोलने को कहा। वजह पूछने पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करने लगे। अमीषा ने वारंट मांगा लेकिन किसी ने कोई भी कागज नहीं दिखाया और गेट खोलने की बात कहते रहे। शोरगुल सुनकर उसकी मां व भाई भी बाहर आ गए।
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मालूम हो कि रविवार को साढ़े बारह बजे के करीब पुलिस आशियाना निवासी अरविंद सिंह के घर पहुंची। अरविंद सिंह की गैर मौजूदगी में घर पर घुसने की कोशिश की लेकिन उनकी पत्नी व बेटी ने दरवाजा नहीं खोला। अमीषा का आरोप है कि इस पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करते हुए गेट पर चढ़ गए।
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अमीषा ने बताया कि वह अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगी तो, एक पुलिसकर्मी ने मोबाइल फोन छीनकर रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी। अमीषा ने ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, यूपी पुलिस और डीजीपी सहित अन्य अफसरों से शिकायत की। उसने लिखा कि वे बिना महिला कान्सटेबल के आए और गेट खटखटाया।
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अमीषा ने बताया कि उसके पिता रविवार को बाहर गए थे। घर पर मां के अलावा वह और उसका छोटा भाई प्रखर थे। आधी रात को किसी ने गेट खटखटाया तो वह बाहर निकली। बाहर करीब 15-20 पुलिसकर्मी खड़े थे। पुलिसकर्मियों ने उसे देखते ही दरवाजा खोलने को कहा। वजह पूछने पर पुलिसकर्मी गाली-गलौज करने लगे। अमीषा ने वारंट मांगा लेकिन किसी ने कोई भी कागज नहीं दिखाया और गेट खोलने की बात कहते रहे। शोरगुल सुनकर उसकी मां व भाई भी बाहर आ गए।
बिना वारंट दिखाए गेट खोलने से इन्कार किया तो दी धमकी
up police
- फोटो : अमर उजाला
अमीषा ने बिना वारंट दिखाए गेट खोलने से इन्कार कर दिया तो पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी। वह हंगामा मचाते हुए गेट पर चढ़ गए। अमीषा ने अपने मामा को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी और मोबाइल कैमरे से पुलिसकर्मियों का वीडियो बनाने लगी। इस पर गेट पर चढ़े एक पुलिसकर्मी ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल फोन छीन लिया। अमीषा का कहना है कि सिपाही नेरिकार्डिंग डिलीट करके उसे मोबाइल वापस दे दिया और दोबारा आने की धमकी देते हुए चले गए।
सोमवार सुबह अमीषा ने पूरी घटना के बारे में ट्वीट कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को जानकारी दी। आशियाना थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि अरविंद सिंह के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी है इसलिए पुलिस उनके घर गई थी। उन लोगों ने पुलिस का अभद्रता भी की, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। इसे जीडी में दर्ज कर लिया गया है। उधर, अरविंद का कहना है कि उन्होंने करीब दो साल पहले साई प्लाईवुड के करन अग्रवाल से सामान खरीदने के बदले 82000 रुपये का चेक दिया था जो बाउंस हो गया। करन ने कोर्ट में चेक बाउंस का केस कर दिया।
सोमवार सुबह अमीषा ने पूरी घटना के बारे में ट्वीट कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस के आला अधिकारियों को जानकारी दी। आशियाना थाने के प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि अरविंद सिंह के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी है इसलिए पुलिस उनके घर गई थी। उन लोगों ने पुलिस का अभद्रता भी की, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। इसे जीडी में दर्ज कर लिया गया है। उधर, अरविंद का कहना है कि उन्होंने करीब दो साल पहले साई प्लाईवुड के करन अग्रवाल से सामान खरीदने के बदले 82000 रुपये का चेक दिया था जो बाउंस हो गया। करन ने कोर्ट में चेक बाउंस का केस कर दिया।