योगी का सपाइयों पर तंज, कहीं लाल टोपी वालों को जनता ही न निपटा दे, सपा ने दिया ये जवाब
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान हंगामे पर सपा को आड़े हाथ लिया। पत्रकारों से बातचीत में योगी ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों का दस्तावेज होता है। विपक्ष ने सदन में जिस तरह का अमर्यादित आचरण किया है, वह निंदनीय है। इससे संसदीय मर्यादा तार-तार हुई है।
सपा व अन्य विपक्षी सदस्यों ने राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके, गुब्बारे उछाले, अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। यह सब निंदनीय है। इससे साबित होता है कि सपा अपने अराजकतापूर्ण आचरण से विधानसभा को भी मुक्त नहीं रहने देना चाहती।
इनका आचरण लोकतंत्र को कमजोर करने तथा गरीबों, दलितों व वंचितों की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, उनसे मेरा आग्रह है कि आचरण ठीक कर लें वरना कहीं लाल टोपी वालों से जनता ही निपटना न शुरू कर दे।
आजादी की लड़ाई की निशानी है लाल टोपी : राम गोविंद
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने मुख्यमंत्री पर पलटवार करते हुए कहा कि लाल टोपी आजादी की लड़ाई की निशानी है। भगवा आजादी की लड़ाई का विरोधी है। चौधरी ने कहा, दूसरे को नसीहत देने से पहले मुख्यमंत्री को लोक आचरण सीखना चाहिए। वह अमर्यादित भाषा का प्रयोग न करें। कहा कि राज्यपाल सदन में 15 मिनट देर से आए इसलिए उनका अभिभाषण अवैधानिक है।
'भगवा को भाजपा ने आलोचना का प्रतीक बना दिया'
राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में राम गोविंद ने कहा, भगवा आस्था का प्रतीक है लेकिन इन्होंने (भाजपा) इसे आलोचना का प्रतीक बना दिया। नरक चतुर्दशी के दिन सीएम योगी ने अयोध्या में दिवाली मना दी जबकि उस दिन यम का दीपक जलता है।
अर्धकुंभ को कुंभ और कुंभ को महाकुंभ बना दिया। यह सनातन धर्म से छेड़छाड़ है। यह कदम हिंदू धर्म की आस्थाओं को तोड़ना-मरोड़ना है। चौधरी ने कहा, योगी खुद ही लोकतांत्रिक नहीं हैं। उन्होंने कासगंज हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा व बजरंग दल के लोगों ने मुसलमानों पर हमला किया। गोली चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। सरकार निर्दोषों को फंसा रही है।