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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐलान, अति पिछड़ों, अति दलितों को अलग से देंगे आरक्षण

Fri, 23 Mar 2018 12:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 23 Mar 2018 12:01 AM IST
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cm yogi announced reservation for too backward and sc 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए समीकरणों पर दांव लगाते हुए अति पिछड़ों और अति दलितों को अलग से आरक्षण देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण में कुछ लोगों का एकाधिकार समाप्त किया जाएगा। जिन्हें वंचित किया गया, उन्हें सम्मान दिया जाएगा।

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सीएम योगी बृहस्पतिवार को विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अति पिछड़ी, अति दलित जातियों को अलग से आरक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कमेटी गठित कर रहे हैं। सरकार आजादी के बाद मुख्यधारा से अलग रहे लोगों व वंचितों को सम्मानजनक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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राजनाथ भी कर चुके हैं लागू: आरक्षण में आरक्षण का दिया था फॉर्मूला
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह जब 2001 में यूपी के सीएम थे तो उन्होंने अति पिछड़ों और अति दलितों का आरक्षण कोटा तय किया था। उनका व भाजपा का तर्कथा कि पिछड़ों और दलितों के लिए निर्धारित आरक्षण का लाभ कुछ खास जातियों (यादव और जाटव) के बीच ही सीमित रह जाता है। तब वरिष्ठ मंत्री हुकुम सिंह की अध्यक्षता में सामाजिक न्याय समिति गठित की गई थी।
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कमेटी ने काका कालेलकर आयोग, मंडल आयोग, उ.प्र. सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्टों के आधार पर ‘आरक्षण में आरक्षण’ का फॉर्मूला दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की रोक की वजह से इसे लागू नहीं किया जा सका था।

यह था प्रस्ताव

cm yogi announced reservation for too backward and sc 

पिछड़ी जाति : यादव-जाटव को 5, अति पिछड़ों को 23 फीसदी आरक्षण मिले।

- आरक्षण 27 से बढ़ाकर 28 फीसदी किया जाए। प्रदेश में 54 फीसदी आबादी पिछड़ी है। इनमें यादव 19.40 फीसदी हैं। इन्हें 5 फीसदी आरक्षण मिले। अन्य बिरादरी में कुर्मी, लोध, मौर्य, तेली, तमोली, कुम्हार सहित अन्य कई नाम से जानी जाने वाली 78 जातियां आती हैं। इन्हें 23 फीसदी आरक्षण मिले।

- अनुसूचित जाति : जाटव को 10, अति दलित को 11 फीसदी कोटा मिले
कोटा 21 फीसदी ही रहे। प्रदेश में 22 फीसदी दलित आबादी में जाटव 55 फीसदी हैं, जबकि 45 प्रतिशत हिस्सा पासी, खटिक, धानुक, वाल्मीकि सहित अन्य नाम वाली 65 से अधिक जातियों का है। जाटव को 10 फीसदी, गैर जाटव यानी अति दलितों को 11 फीसदी आरक्षण निर्धारित किया जाए।

- उत्तराखंड बनने के चलते एसटी का कोटा 2 से घटाकर 1 फीसदी किया जाए।

इन राज्यों में मिल रहा अति पिछड़ो को आरक्षण

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देश के 11 राज्यों में अति पिछड़ों को अलग से आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पांडिचेरी, हरियाणा, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू-कश्मीर (आंशिक) शामिल हैं।

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