प्रदेश में रोज 50 हजार टेस्ट करें, घर-घर कराएं मेडिकल स्क्रीनिंग: मुख्यमंत्री योगी
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा के दौरान शनिवार को कोरोना की टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के निर्देश देते हुए कहा कि प्रतिदिन 50 हजार से अधिक टेस्ट किए जाएं। आरटीपीसीआर विधि से 30 हजार, रैपिड एंटीजन जांच के माध्यम से 15 से 20 हजार और ट्रू-नेट मशीनों से दो हजार टेस्ट रोजाना किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घर-घर में मेडिकल स्क्रीनिंग कराई जाए। संदिग्ध लक्षण वालों के सैंपल लेकर टेस्ट के लिए भेजे जाएं। जांच में अस्वस्थ मिले लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए।
बिना लक्षण वाले संक्रमित मरीजों का उपचार लेवल-1 कोविड चिकित्सालय में किया जा सकता है। उन्होंने कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए। योगी ने कहा कि कोविड-19 से बचाव ही इस रोग का उपचार है। इसलिए मास्क के उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दें।
संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए ट्रेन व हवाई जहाज से आने वालों की मेडिकल स्क्रीनिंग की बेहतर व्यवस्था की जाए। पुलिस व पीएसी कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए सभी जरूरी उपाय किए जाएं। स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए औद्योगिक इकाइयों का संचालन किया जाए। इस बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी मौजूद थे।
कानपुर, झांसी, मथुरा में बरतें विशेष सतर्कता
सीएम ने कहा कि कानपुर नगर, झांसी व मथुरा जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि झांसी में विशेष सचिव स्तर के नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी संक्रमण को नियंत्रित करने की प्रभावी रणनीति तैयार करें।
सफाई व सैनिटाइजेशन कराएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि साफ-सफाई अनेक बीमारियों से लोगों को बचाती है। स्वच्छता के कार्यों में जनसहभागिता की बड़ी भूमिका है। उन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन, फॉगिंग एवं स्वच्छता की प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए।
साथ ही कहा कि कहीं भी जलभराव नहीं होना चाहिए। पीने के पानी में क्लोरीन के टैबलेट का उपयोग किया जाए। ग्राम पंचायतों में तेजी से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराएं।
गांव में बनवाएं खाद के गड्ढे
सीएम ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सॉलिड वेस्ट के लिए खाद का गड्ढा अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। इससे जहां गांवों में साफ-सफाई रहेगी, वहीं किसानों को जैविक खाद भी मिलेगी। उन्होंने टिड्डी दल पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।