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सीएम योगी ने वितरित किए नियुक्ति पत्र: बोले- 2017 के पहले हताश और निराश था यूपी का युवा

Sat, 15 Jul 2023 05:40 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 15 Jul 2023 05:40 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 17वें नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में 400 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए और कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में फैली अराजकता ने युवाओं का बहुमूल्य समय बर्बाद कर दिया।

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CM Yogi Adityanath distributes the joining letters to selected candidates.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

योगी सरकार ने मिशन रोजगार के तहत शनिवार को लोकभवन में 17वें नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में 400 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार रोजगार के सृजन की दिशा में नए कदम आगे बढ़ाते हुए 18 और 20 को नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। आज उत्तर प्रदेश युवाओं के अनुकूल है, जो उन्हे सफलतापूर्वक आगे बढ़ने के लिए मंच प्रदान कर रहा है। प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने और सरकारी नौकरी देने के लिए ग्रुप टू और थ्री के नॉन गजटेड पदों में इंटरव्यू की प्रक्रिया को समाप्त किया गया है, जो सरकार के हर युवा को नौकरी उपलब्ध कराने के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। 17 वें नियुक्ति पत्र कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 66 समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद), 204 अनुदेशक (प्राविधिक शिक्षा विभाग) एवं 130 कनिष्ठ सहायक (लोक निर्माण विभाग) के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिये गए हैं।

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आज प्रदेश के युवाओं का हर जगह हो रहा सम्मान और स्वागत 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब सरकार की कार्यपद्धति में कोई खोट नहीं होता है तो उसके कार्यों का लाभ पूरे प्रदेशवासियों को मिलता है। जिस तरह आज प्रदेश के हर वर्ग को मिल रहा है। यही वजह है कि आज प्रदेश की पहचान का संकट भी समाप्त हुआ है। प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में नहीं भटकना पड़ रहा है। सरकार की नीतियों का यह असर रहा कि पिछले 6 वर्षों में लगभग 6 लाख शासकीय नियुक्तियां दी गयी हैं। इन नियुक्तियों की प्रक्रिया में कोई प्रश्न खड़ा नहीं कर पाया। साथ ही किसी भी विभाग के नियुक्ति की कोई भी प्रक्रिया न्यायालय में लंबित नहीं है और ना ही न्यायालय द्वारा कोई टिप्पणी की गयी। आज निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, शिक्षा आयोग या विभिन्न विभागों के स्तर पर चयन की प्रक्रिया संपन्न की जा रही है। इससे प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा को प्रदेश में ही सम्मान मिलने लगा है। वर्ष 2017 के पहले क्या स्थितियां थीं, सभी जानते हैं। उस समय प्रदेश के युवाओं के मन में निराशा और हताशा थी। प्रदेश में चयन की प्रक्रिया में भेदभाव होता था। ऐसे में उन्हे बाहर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता था। इस दौरान वह अपनी पहचान को छुपाता था क्योंकि उत्तर प्रदेश का नाम लेते तो लोग वहां पर चयन की बात तो दूर किराए पर कमरा भी नहीं देते थे। वहीं आज प्रदेश का युवा देश में कहीं भी जाए उसका लोग पलक बिछाए स्वागत और सम्मान करते हैं।
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2017 के पहले युवाओं ने अपने बहुमूल्य समय को अराजकता के कारण खोया 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के बहुत से युवा 2017 के पहले वाले दौर से भी गुजरे होंगे। उन्होंने नौकरी समेत अन्य व्यवस्थाओं में भेदभाव, भाई-भतीजावाद और जातिवाद के दंश को झेला होगा। इस दौरान उन्होंने अराजकता के कारण अपने बहुमूल्य समय को खोते हुए देखा होगा, लेकिन पिछले 6 वर्षों में जो परिवर्तन हुआ है, उससे सभी को एक नई व्यवस्था देने का कार्य किया गया है। उन्हे आज सुरक्षा, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था, पूरी शुचिता और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे हैं। वहीं प्रदेश सरकार भी आप सब से अपेक्षा रखती है कि इसी प्रकार की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में आप सभी अपना योगदान देते रहें। आप सभी के प्रयासों से आने वाली पीढ़ी को अनवरत लाभ प्राप्त होगा।

अब प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं
सीएम योगी ने कहा कि आज प्रदेश में सबसे अधिक 90 लाख से अधिक एमएसएमई यूनिट हैं, जो रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम हैं। ऐसे में इन्हे स्थापित करने में तमाम प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। इसका लाभ भी सभी को मिल रहा है। कोरोना काल खंड में इसी सेक्टर ने दूसरे राज्यों से आए करीब चालीस लाख कामगार और श्रमिकों को रोजगार दिया। कोरोना काल में देश के जिन राज्यों ने श्रमिकों और कामगारों से मुंह मोड़ा था, आज वह पछता रहे हैं और इन्हे अपने राज्य में बुलाने के लिए मुझसे निवेदन कर रहे हैं। प्रदेश में यूपीजीआईएस-23 में 36 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए, जिससे एक करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा। अब प्रदेश के युवाओं को रोजगार के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं, बल्कि आज प्रदेश दूसरे राज्यों के युवाओं को रोजगार देने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री जितिन प्रसाद, आशीष पटेल, राजस्व परिषद के अध्यक्ष संजय मित्तल, अपर मुख्य सचिव प्राविधिक शिक्षा कल्पना अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान आदि उपस्थित रहे।

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