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सीएम योगी ने वितरित किए नियुक्ति पत्र: बोले, छह वर्षों में साढ़े पांच लाख से ज्यादा युवाओं को दी नौकरी

Thu, 23 Mar 2023 10:25 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 23 Mar 2023 10:25 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज युवाओं को प्रदेश में रोजगार मिल रहा है। प्रदेश का माहौल बदल रहा है। पहले लोग सोचते थे कि क्या यूपी कभी सुधर पाएगा पर छह साल बाद प्रदेश की बदली हुई तस्वीर सामने है।
 

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CM Yogi Adityanath distributes the joining letter to new officers.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को उप्र लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित 496 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस मौके पर उन्होंने नव चयनित अधिकारियों से कहा कि सेवा सरकारी सेवा के शुरूआती दस साल के कार्य ही आपके कैरियर की मजबूत नींव रखेंगे। अगर इस दौरान भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगे तो आपकी सेवा की नींव कमजोर हो जाएगी। इसलिए आप को संवेदनशीलता से काम करेंगे तो जनता के बीच बेहतर छाप छोड़ पाएंगे।

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नियुक्ति एवं कार्मिकत विभाग द्वारा लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नव चयनित अधिकारियों को सरकार की योजनाओं का लाभ जनता को बिना भेदभाव के मुहैया कराने की सलाह देते हुए कहा कि आप जनसुनवाई के जरिए जनता की समस्या का निस्तारण तत्परता से करेंगे तो छवि बनेगी। उन्होंने कहा कि सेवा के शुरूआती वर्षों में आप अपना व्यवहार जन भावनाओं के अनुरूप बनाएंगे तो सरकारी सेवा का भवन भी उतना ही मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने कहा आज जिन लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है, उनमें से मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग से पढ़ाई करने वाले 43 अभ्यर्थी भी शामिल हैं।
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नवचयनित अधिकारियों को शुभकामना देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते छह साल के दौरान मौजूदा सरकार द्वारा पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ साढ़े पांच लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। प्रदेश में एक तरफ जहां शासकीय सेवाओं में नियुक्ति प्रक्रिया चलाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ निजी क्षेत्र में भी नौजवानों को रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन रोजगार युवाओं के सपने को उड़ान देने वाला है। उन्होंने कहा कि 6 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने एक नई छलांग लगाई है। छह वर्ष पहले इन्हीं नौजवानों के सामने पहचान का संकट था। अब इन युवाओं को देश के किसी भी राज्य में अपने राज्य के बारे में बताने से कोई हिचक नहीं होती।
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योगी ने कहा कि ये वही राज्य है जहां विकास के कार्यों में माफिया हावी होते थे। नियुक्ति और ट्रांसफर प्रक्रिया ताश के पत्तों की तरह फेंटी जाती थी। ये वही प्रदेश है जहां हर तीसरे दिन दंगा होता था। निवेश नहीं आता था। निवेशक अपने संस्थान बंद करके जाने लगे थे। कोई नहीं मानता था कि उत्तर प्रदेश कभी सुधरेगा, लेकिन आज तस्वीर बदली है। अब गांव और शहर हर क्षेत्र में बदलाव देखने को मिल रहा है। युवा शक्ति जो पलायन करने पर मजबूर थी,आज जब उन्हें अपने प्रदेश में सम्मान मिल रहा है तो बदली हुई तस्वीर हम सबके सामने है। उत्तर प्रदेश की उन सभी नियामक संस्थाओं में शुचिता व पारदर्शिता देखने को मिल रही है, जिनपर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों की नियुक्ति प्रक्रिया को ससमय सम्पन्न कराने का दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले छह वर्षों में हमारी सरकार ने एक करोड़ 61 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने में सफल रही है। 60 लाख से ज्यादा युवा उद्यमियों को अपना स्टार्टअप,अपना काम शुरु करने के लिए सहायता प्रदान की गई है। आज वो बहुत अच्छे ढंग से अपना कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से सरकार की अपेक्षा के बारे में बताते हुए कहा कि इसका ध्यान रखें कि जनता को आप के कार्यों का लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एमएसएमई का आधार है। पहले यह दम तोड़ रहा था । प्रदेश सरकार ने ‘एक जनपद, एक उत्पाद' विश्वकर्मा श्रम सम्मान तथा माटी कला बोर्ड के रूप में इसकी ब्रांण्डिंग की। इसके परिणामस्वरूप 1.61 करोड़ से अधिक युवाओं को एमएसएमई में रोजगार से जोड़ा गया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना तथा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से 60 लाख से अधिक युवा उद्यमियों को अपना स्टार्टअप लगाने, उद्यम लगाने या एमएसएमई स्थापित करने के लिए बैंकों के साथ जोड़कर उन्हें आर्थिक स्वावलम्बन की ओर अग्रसर किया गया है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की बेरोजगारी दर 18-19 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में घटकर 03-04 प्रतिशत हो गयी है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक तौर पर कुल 22 नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें 2 उप जिलाधिकारी, 2 पुलिस उपाधीक्षक, 6 सहायक अभियन्ता, 1 कारागार अधीक्षक, 2 खण्ड विकास अधिकारी, 1 सहायक नगर आयुक्त, 2 पशु चिकित्सा अधिकारी, 2 उप निबन्धक, 2 प्रबन्धक और 2 नायब तहसीलदार शामिल हैं।


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निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुआ चयन
इस मौके पर चयनित अधिकारियों ने अपने अनुभव बताए। उपजिलाधिकारी शिवम ने कहा कि समयबद्धता के साथ परीक्षा से लेकर साक्षात्कार कराए जाने की वजह से एक साल के भीतर ही चयन प्रक्रिया पूरा हो गया। चयन का काम काफी पारदर्शी और निष्पक्षता से हुआ है। उप निबंधक पद पर चयनित ललितपुर की अभिलाषा सिंह ने परीक्षा से लेकर चयन तक अपनाई गई पारदर्शिता पर सीएम योगी और आयोग को धन्यवाद दिया। खंड विकास अधिकारी के पद पर मोहम्मद आसिफ़ अखलाक, नायब तहसीलदार पुष्पा यादव ने भी समयबद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके चयन प्रक्रिया पूरी कराने के लिए सरकार को धन्यवाद दिया।

इन पदों पर चयनित अधिकारियों को दिए नियुक्ति पत्र
उपजिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, अग्निशमन अधिकारी, अधीक्षक कारागार, उप कारापाल कारागार, खण्ड विकास अधिकारी, सहायक नगर आयुक्त, पशु चिकित्साधिकारी, उप निबन्धक, नायब तहसीलदार सहित लोक निर्माण विभाग, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नगर विकास विभाग के सहायक अभियन्ता, औद्योगिक विकास विभाग के सहायक भण्डार क्रय अधिकारी, वित्त एवं लेखाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, प्रबंधक (सिविल/विद्युत/यांत्रिक), अभियंता (विद्युत/यांत्रिक/इलेक्ट्रानिक्स) एवं कार्मिक अधिकारी ।

ई-अधियाचन पोर्टल का का हुआ उद्घाटन
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग द्वारा तैयार कराया गया ई- अधियाचन पोर्टल का भी उद्घाटन किया। इस पोर्टल के माध्यम से अब समूह ‘ख’ एवं ‘ग’ के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन भेजने का काम ऑनलाइन होगा। यानि उप्र लोक सेवा आयोग और उप्र राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को सरकारी विभागों द्वारा रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधियाचन ऑनलाइन ही भेजे जाएंगे। अब तक अधियाचन मैनुअल भेजा जाता था। जिसमें त्रुटि होने पर बार-बार प्रस्ताव वापस होते थे। अब नई व्यवस्था में पोर्टल में ऐसा साफ्टवेयर डाला गया है, जो नियुक्ति संबंधी सारी सूचना अधूरा या त्रुटिपूर्ण होने पर पोर्टल उसे आगे पास ही नहीं करेगा। ऐसे में पूर्ण रूप से त्रुटिरहति प्रस्ताव ही पोर्टल के जरिए आयोग को भेजे जाएंगे।
 

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