दिल्ली के सीएम केजरीवाल फिर कोर्ट की शरण में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव के दौरान कथित उत्तेजक भाषण के मामले में एक बार फिर हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनकी याचिका पर गुरुवार को सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया है।
केजरीवाल ने याचिका दायर कर अमेठी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के गत 12 अगस्त के आदेश को रद्द किए जाने की गुहार लगाई है। इस आदेश में निचली अदालत में निजी हाजिरी माफ किए जाने की उनकी अर्जी खारिज कर दी गई थी।
इससे पहले केजरीवाल की पहली याचिका पर गत 3 अगस्त को न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल ने निचली अदालत से उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट पर चार हफ्ते के लिए रोक लगाकर उनके वकील को निचली अदालत के समक्ष हाजिरी माफी की नई अर्जी पेश करने की इजाजत दी थी।
समन होने के बावजूद नहीं हुए पेश
न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने यह कहते हुए 12 अगस्त को हाजिरी माफी की नई अर्जी खारिज कर दी कि समन तामील होने के बावजूद आरोपी (केजरीवाल) खुद पेश नहीं हुए।
याची के वकील महमूद आलम ने इसी आदेश को चुनौती दी है। उधर, राज्य सरकार की तरफ से शासकीय अधिवक्ता रिशाद मुर्तजा ने याचिका का विरोध किया।
यह है मामला
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान 2 मई 2014 को केजरीवाल द्वारा अमेठी के औरंगाबाद गांव की एक सभा में कथित उत्तेजक भाषण देने की प्राथमिकी मुसाफिरखाना थाने में दर्ज कराई गई थी।
पुलिस ने मामले की तफ्तीश पूरी कर आरोप पत्र पेश किया। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केजरीवाल को तलब किया था।