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एमएलसी को लेकर टकराव की ओर बढ़े मुख्यमंत्री और राज्यपाल?

Sat, 01 Aug 2015 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ Updated Sat, 01 Aug 2015 04:18 PM IST
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cm and governor can have disagrrement on mlc nomination

विधान परिषद में मनोनयन के लिए तय नामों पर सरकार पीछे हटने को तैयार नहीं है। राज्यपाल राम नाईक ने जिन पांच नामों की मंजूरी रोकी है उनके बारे में राजभवन को वांछित सूचनाएं भेजते हुए इन्हीं नामों को मंजूरी देने का अनुरोध किया गया है।

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अब राजभवन इसका परीक्षण कर रहा है कि जिस कारण से राज्यपाल ने इनकी मंजूरी रोकी थी उस पर सरकार की क्या राय है। जिन तथ्यों के आधार पर पांच लोगों का मनोनयन रोका गया है उसका भी गहन परीक्षण कराकर देखा जाएगा कि राजभवन को जो सूचनाएं भेजी गई हैं वह भ्रामक तो नहीं है।
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सूची में शामिल संजय सेठ के बारे में राजभवन ने आयकर विभाग से रिपोर्ट मांगी है।गौरतलब है कि विधान परिषद में मनोनयन के लिए सरकार की ओर से भेजी गई नौ नामों की सूची में से चार नामों पर राज्यपाल राम नाईक ने 2 जुलाई को अपनी मुहर लगा दी थी।
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राज्यपाल ने नामित किए जाने वाले शेष पांच लोगों के बारे में मिली शिकायतों का पुलिंदा मुख्यमंत्री को भेजते हुए इनके बारे में फिर से रिपोर्ट तलब की थी।

रोके गए नामों पर ही दबाव बना रही है सरकार

cm and governor can have disagrrement on mlc nomination

सरकार ने राज्यपाल द्वारा मांगी गई सारी सूचनाओं और आपराधिक इतिहास के ब्यौरे के साथ उन्हीं पांच नामों कमलेश पाठक,संजय सेठ,रणविजय सिंह,अब्दुल सरफराज खां तथा राजपाल कश्यप की सूची फिर राज्यपाल को भेजते हुए मंजूरी देने का अनुरोध किया है।

राजभवन सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि अब इसका गहन परीक्षण कराकर देखा जाएगा कि राज्यपाल ने जो जानकारियां और मनोनीत किए जाने वालों पर दर्ज मुकदमों के संबंध में तथ्यात्मक सूचनाएं मांगी थीं वह सब भेजी गई हैं या नहीं।

जहां तक आपराधिक मामलों का सवाल है तो इन पांच लोगों पर दर्ज मुकदमों के बारे में राजभवन को जो सूचनाएं प्राप्त हुई हैं उसका मिलान सरकार की ओर से भेजी गई रिपोर्ट से किया जाएगा। सारे तथ्यों का पता लगाने के बाद ही इस पर कोई निर्णय किया जाएगा।

सूत्रों का कहना है कि सूची में शामिल संजय सेठ के ठिकानों पर हाल ही में पड़े छापों में बरामद की गई संपत्तियों के बारे में राजभवन ने आयकर विभाग से भी रिपोर्ट तलब की है। इस रिपोर्ट का परीक्षण करके देखा जाएगा कि संजय सेठ पर कोई आर्थिक अपराध तो नहीं बनता है? राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि सरकार ने विधान परिषद में नामित किए जाने वालों की सूची में शामिल पांच लोगों के बारे में रिपोर्ट भेजी है। इसका परीक्षण कराकर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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