यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने सपा के रजत जयंती कार्यक्रम में अपने दिल का गुबार निकालते हुए पारिवारिक कलह की तरफ इशारा करते हुए कहा कि आप पहले तो मुझे तलवार दे देते हैं, फिर चाहते हैं कि मैं इसे न चलाऊं। ये कैसे हो सकता है...?
उन्होंने कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने खूब कड़ी मेहनत की और पार्टी को यहां तक पहुंचा दिया। आज कौन नहीं चाहता है कि यूपी में फिर से सपा की सरकार न बनें। मैं कठिन परीक्षा देने की बात कहता हूं, जिसे परीक्षा लेनी है ले लो।
अखिलेश ने लोहिया जी की बात याद दिलाते हुए बताया कि वो कहा करते थे कि लोग मुझे सुनेंगे लेकिन मेरे मर जाने के बाद। आज मैं भी वहीं बात कहना चाहता हूं लोग मुझे सुनेंगे लेकिन सबकुछ बिगड़ जाने के बाद।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश को बांटने वाली ताकतों को देश में चुनकर नहीं आने देंगे। सपा देश में एक बार फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। उन्होंने देवगौड़ा के भाषण का हवाला देते हुए कहा, यूपी देश का भविष्य है, हम ये साबित करके बताएंगे। देश की किस्मत अब यूपी तय करेगा। यूपी की जनता ने भाजपा को 70 एमपी दिए, प्रधानमंत्री भी दिया लेकिन नाममात्र के आदर्श गांव के अलावा देश को कुछ भी नहीं मिला।
यूपी में विकास कार्यों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यूपी ने एक्सप्रेस वे और मेट्रो जैसी योजनाएं बनाकर मिसाल पेश की है। अकेले यूपी ही ऐसा देश है जहां 55 लाख महिलाओं को पेशन दी जा रही है। समाजवादी विचारधारा ही देश को आगे बढ़ाने का काम कर सकती है, जो इंसानों में कोई भेद नहीं करती।